देवघर जिले के चित्रा थाना क्षेत्र के कुकराहा गांव में आर्थिक तंगी से परेशान एक मजदूर ने ब्लेड से अपना गला काट लिया। मजदूर की पहचान अर्जुन बावरी के रूप में हुई है। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, अर्जुन बावरी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। स्थानीय लोगों ने बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से आर्थिक परेशानियों और मानसिक तनाव से जूझ रहा था। इसी वजह से उसने यह कदम उठाया। घटना के समय परिजनों ने अर्जुन को खून से लथपथ देखा। उन्होंने तुरंत शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। गंभीर रूप से घायल अर्जुन को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर चित्रा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आसपास के लोगों और परिजनों से पूछताछ कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद गांव में चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि बढ़ती आर्थिक परेशानियां और मानसिक तनाव गरीब मजदूर वर्ग को सबसे अधिक प्रभावित कर रहे हैं। परिजनों में भी दुख का माहौल है।
आर्थिक तंगी से परेशान मजदूर ने खुद का काटा गला:मानसिक तनाव से जूझ रहा था युवक, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती
देवघर जिले के चित्रा थाना क्षेत्र के कुकराहा गांव में आर्थिक तंगी से परेशान एक मजदूर ने ब्लेड से अपना गला काट लिया। मजदूर की पहचान अर्जुन बावरी के रूप में हुई है। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, अर्जुन बावरी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। स्थानीय लोगों ने बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से आर्थिक परेशानियों और मानसिक तनाव से जूझ रहा था। इसी वजह से उसने यह कदम उठाया। घटना के समय परिजनों ने अर्जुन को खून से लथपथ देखा। उन्होंने तुरंत शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। गंभीर रूप से घायल अर्जुन को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर चित्रा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आसपास के लोगों और परिजनों से पूछताछ कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद गांव में चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि बढ़ती आर्थिक परेशानियां और मानसिक तनाव गरीब मजदूर वर्ग को सबसे अधिक प्रभावित कर रहे हैं। परिजनों में भी दुख का माहौल है।

