
Cyber Crime News: आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट (एडीपीसी) में साइबर क्राइम के मामलों में अचानक तेजी आ गयी है. पहले औसतन हर महीने 8 केस दर्ज होते थे. सितंबर के महीने में 1 से 5 तारीख के बीच 10 मामले दर्ज हो चुके हैं.
NCRP पोर्टल पर शिकायत और जीरो ई-एफआईआर
दरअसल, नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर एक लाख रुपए से अधिक की ठगी की शिकायत आने पर स्थानीय थाने में स्वतः ई-जीरो एफआईआर दर्ज हो जाती है. पहले यह राशि 5 लाख रुपए थी. इससे अधिक की ठगी होने पर प्रथमिकी दर्ज करना अनिवार्य था. 5 लाख रुपए से कम की ठगी मामले में पुलिस जनरल डायरी एंट्री (जीडीई) करके जांच करती थी. जरूरत पड़ने पर प्राथमिकी भी दर्ज होती थी. एक लाख रुपए की साइबर ठगी में प्राथमिकी दर्ज करने की बाध्यता की वजह से थानों में एफआईआर में तेजी आ गयी है.
ये भी पढ़ें: 9 बैंक खाते और 72 करोड़ का साइबर फ्रॉड, 7 गिरफ्तार, नेटवर्क के मास्टरमाइंड की तलाश
3 माह में साइबर अपराध से जुड़ी प्राथमिकी के आंकड़े
- जून 2026 में साइबर अपराध की घटना से जुड़ी कुल 8 प्राथमिकी दर्ज हुई. इसमें 5 प्राथमिकी साइबर क्राइम थाना आसनसोल में केस संख्या 30 से 34 तक, दुर्गापुर थाने में केस संख्या 324, अंडाल थाने में केस संख्या 192 और कांकसा थाने में केस संख्या 209 दर्ज हुई.
- जुलाई 2026 में साइबर क्राइम की 8 प्राथमिकी दर्ज हुई. इसमें 3 प्राथमिकियां साइबर क्राइम थाना आसनसोल में केस संख्या 35 से 37 तक, कुल्टी थाने में 2 प्रथमिकी केस संख्या 317 और 356, दुर्गापुर थाने में केस संख्या 401, आसनसोल नॉर्थ थाने में केस संख्या 338 और एनटीएस थाने में केस संख्या 109 दर्ज हुई.
- अगस्त 2026 में साइबर अपराध से जुड़ी कुल 9 प्राथमिकियां दर्ज हुईं. इसमें साइबर क्राइम थाने में 2 (केस संख्या 38 और 39), आसनसोल नॉर्थ थाने में केस संख्या 413, रानीगंज थाने में केस संख्या 363, आसनसोल साउथ थाने में केस संख्या 333, अंडाल थाने में केस संख्या 251, जामुड़िया थाने में केस संख्या 343, कुल्टी थाने में केस संख्या 391 तथा हीरापुर थाने में केस संख्या 218 दर्ज हुई.
- सितंबर 2026 में सिर्फ 5 दिन में 10 प्राथमिकियं दर्ज हुई हैं. साइबर क्राइम थाना आसनसोल में कुल 4 एफआईआर (केस नंबर 40 से 43), दुर्गापुर थाने में भी 4 प्राथमिकियां (केस संख्या 485 से 487 और केस संख्या 497) और कांकसा थाने में 2 प्राथमिकी केस संख्या 321 और 324 दर्ज दर्ज हुई.
ये भी पढ़ें: 600 करोड़ के साइबर स्कैम में उद्योगपति पवन रुईया कोलकाता से गिरफ्तार
एक लाख रुपए से अधिक की साइबर ठगी की शिकायत एनसीआरपी या 1930 पर होते ही उसकी ई-प्राथमिकी स्थानीय थानों में दर्ज हो रही है. इससे साइबर ठगी की प्राथमिकी दर्ज होने के मामले बढ़े हैं. पहले 5 लाख रुपए से अधिक की राशि की ठगी होने पर ही अनिवार्य प्राथमिकी दर्ज होती थी. 5 लाख से कम की ठगी की शिकायत पर जनरल इन्क्वायरी की जाती थी. जरूरत पड़ने पर प्राथमिकी की जाती थी. डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में नियमित हो रहे सुधार से ई-जीरो एफआइआर दर्ज हो रहे हैं. पुलिस सभी मामलों में त्वरित कार्रवाई कर रही है. पिछले दिनों 44 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है. -राहुल पांडे, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, साइबर अपराध, आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट
दोस्त की मदद करने में गंवा दिये 1.37 लाख रुपए
आसनसोल साउथ थाना क्षेत्र में उपरपाड़ा के आमार बाड़ी इलाके के निवासी मानस दास (62) की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना आसनसोल में केस संख्या 42/26 शनिवार रात को दर्ज हुई. इसमें उन्होंने कहा कि 17 अगस्त से 18 अगस्त 2026 के बीच उन्हें मोबाइल फोन नंबर 9575473672 से कॉल आया. कॉल करने वाले ने कहा कि वह उनका (दास का) दोस्त रिंकू साहू है. उसकी पत्नी ईएम बाइपास हॉस्पिटल के भर्ती हैं. उसका फोन-पे काम नहीं कर रहा है और उन्हें 7415776981 नंबर पर ऑनलाइन पेमेंट कर दें. दास ने दोस्त की मदद के नाम पर 7 किस्तों में 1,36,999 रुपए पेमेंट कर दिये. बाद में पता चला कि उनके साथ साइबर ठगी हुई है. उन्होंने इसकी शिकायत एनसीआरपी पर की और शनिवार को साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई. पुलिस जांच में जुट गयी है.
ये भी पढ़ें: कोलकाता में कॉल सेंटर खोल ठगी कर रहे थे झारखंड के साइबर अपराधी
The post आसनसोल में बढ़े साइबर ठगी के मामले, पहले महीने में 8 केस दर्ज होते थे, 5 दिन में हुई 10 FIR appeared first on Prabhat Khabar.
