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बिहार के आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा ने आज बेगूसराय समाहरणालय के कारगिल विजय भवन में जिले की गंभीर बाढ़ स्थिति, राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक की अध्यक्षता करने के बाद मंत्री ने प्रेसवार्ता कर राहत अभियानों का विस्तृत ब्यौरा दिया। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन बाढ़ पीड़ितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। किसी भी स्तर पर राहत सामग्री या स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी नहीं होने दी जाएगी। मानव दो दिन भूखा रह सकता, मवेशियों को चारा मिलना जरुरी प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए मंत्री रत्नेश सदा ने पशुधन के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इंसान तो दो-तीन दिन भूखा भी रह सकता है, लेकिन बेजुबान मवेशी भूखे नहीं रह सकते। इसलिए जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि पशु चारे की आपूर्ति में कोई कोताही न बरती जाए। पशुधन की सुरक्षा के लिए 46 पशु चिकित्सा शिविर संचालित किए जा रहे हैं। जहां अब तक 7909 मवेशियों का इलाज किया जा चुका है। 579521 बाढ़ प्रभावितों को कराया गया है भोजन उन्होंने बताया कि 1418 क्विंटल पशु चारा का वितरण कराया जा चुका है। जिला के 8 प्रखंड में 37 पंचायत एवं 2 नगर के 189 गांव बाढ़ प्रभावित हैं। 95245 परिवार के 380980 आबादी इस आपदा को झेल रही है। आवागमन के लिए 23 सरकारी एवं 246 निजी नावें चलाई जा रही है। 189 सामुदायिक रसोई में 579521 लोगों को भोजन कराया गया है। 29351 पॉलिथीन शीट वितरित किए गए हैं। NDRF एवं SDRF की टीम तैनात हैं। गंगा का जलस्तर 1 फीट घटा, सभी तटबंध सुरक्षित जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए आपदा प्रबंधन मंत्री ने बताया कि बेगूसराय में गंगा नदी का वर्तमान जलस्तर 43.13 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान 41.76 मीटर से ऊपर जरूर है। लेकिन बीते 24 घंटों में जलस्तर में 1 फीट की कमी आई है। जिले के सभी तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं और चौकसी बरती जा रही है। 27034 हेक्टेयर कृषि रकवा प्रभावित उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी एक से दो दिनों में मुख्य सड़कों पर जमा बाढ़ का पानी पूरी तरह उतर जाएगा। इसके अलावा फसलों के नुकसान का जिक्र करते हुए बताया गया कि 27034 हेक्टेयर कृषि रकवा प्रभावित हुआ है। जिसमें 19504 हेक्टेयर क्षेत्र में 33 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति हुई है। मंत्री रत्नेश सदा ने बताया कि जिले में बाढ़ के पानी में डूबने से अब तक 4 लोगों की दुखद मृत्यु हुई है। आपदा प्रबंधन विभाग के नियमानुसार प्रशासन की ओर से चारों मृतक व्यक्तियों के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये अनुग्रह अनुदान की राशि डीबीटी के माध्यम से प्रदान कर दी गई है। बाढ़ प्रभावितों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है एंटी-स्नेक वेनम जिले में 71 कार्यरत मेडिकल कैंप के माध्यम से अब तक 82312 पीड़ितों का उपचार किया गया है। दियारा एवं जलमग्न क्षेत्रों के लिए 4 बोट एम्बुलेंस लगातार तैनात हैं। सर्पदंश (Snake Bite) की घटनाओं से निपटने के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल के साथ ही जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी-स्नेक वेनम और जरूरी दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई गई हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का कराया जाएगा सैनिटाइजेशन लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में 129 अस्थायी शौचालय बनाए गए हैं और 72 नए चापाकल गाड़े गए हैं। जिन इलाकों में आर्सेनिक की समस्या आई है, वहां 5 टैंकरों के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। पानी घटने के साथ फैलने वाली बीमारियों से बचाव के लिए ब्लीचिंग पाउडर और कीटनाशकों का पर्याप्त स्टॉक रखा गया है। जिससे जलजमाव समाप्त होते ही पूरे क्षेत्र में सैनिटाइजेशन कराया जा सके। जनप्रतिनिधि और अफसर जनता के साथ खड़े हैं मंत्री रत्नेश सदा ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समन्वय की सराहना की। उन्होंने कहा कि बेगूसराय के डीएम, एसपी, एडीएम, आपदा प्रबंधन अधिकारी, संबंधित स्थानीय विधायक और सांसद सभी इस संकट की घड़ी में बाढ़ पीड़ितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। हमारी प्राथमिकता हर प्रभावित परिवार तक भोजन, दवा और सुरक्षित आश्रय पहुंचाना है। किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
'इंसान भूखा रह सकता है, बेजुबानों को चारा चाहिए':बेगूसराय में बाढ़ की समीक्षा करने पहुंचे मंत्री रत्नेश सदा, मृतक के परिजनों को मिल रहे 4-4 लाख
