इटखोरी|शारदीय नवरात्र की सप्तमी पर इटखोरी में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। इटखोरी टाल, नवदुर्गा पूजा समिति और सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति, परोका कला की ओर से निकाली गई भव्य कलश यात्राओं में 1200 से अधिक महिलाओं और कन्याओं ने भाग लिया। मां दुर्गा के जयकारों, भक्ति गीतों और ताशा की धुन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। कलश यात्रा दुर्गा मंडपों से शुरू होकर मां भद्रकाली मंदिर होते हुए उत्तरवाहिनी मुहाने नदी पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। कलशों में जल भरा। इसके बाद श्रद्धालुओं ने मां भद्रकाली के दर्शन किए। फिर वे पूजा स्थलों पर लौटे, जहां कलशों को विधिवत स्थापित किया गया। रामगढ़ से आई ताशा पार्टी ने अपनी धुनों से श्रद्धालुओं में उत्साह भर दिया। पूजा समितियों की ओर से महिलाओं और कन्याओं को कलश तथा चुनरी प्रदान की गई। मां दुर्गा की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए विधिवत आह्वान किया गया। कलश यात्रा के दौरान जगह-जगह ‘जय माता दी’ के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं के बीच शरबत, फल और प्रसाद का वितरण किया गया।
