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तमिलनाडु की एक सिलाई फैक्ट्री में शुरू हुई प्रेम कहानी का अंत भारत-नेपाल सीमा पर जाकर रुक गया। नेपाल का एक युवक अपनी ओडिशा निवासी 17 वर्षीय नाबालिग प्रेमिका को शादी की नीयत से नेपाल ले जा रहा था, लेकिन सीतामढ़ी के सोनबरसा बॉर्डर पर तैनात सशस्त्र सीमा बल के जवानों ने उसकी योजना नाकाम कर दी। एसएसबी ने दोनों को हिरासत में लेकर नाबालिग को सुरक्षित बचा लिया और आगे की कार्रवाई के लिए सोनबरसा थाना पुलिस को सौंप दिया। 1 साल से फैक्ट्री में साथ काम करते थे जानकारी के अनुसार, नेपाल के सर्लाही जिले के ब्रह्मपुरी, नोकैलवा-6 निवासी रामध्यान महतो के 19 वर्षीय पुत्र रवि कृष्ण महतो और ओडिशा के बलांगीर जिले के बंगोमुडा थाना क्षेत्र की 17 वर्षीय किशोरी पिछले करीब एक वर्ष से तमिलनाडु की एक सिलाई फैक्ट्री में साथ काम करते थे। इसी दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। पुलिस और एसएसबी की प्रारंभिक जांच के अनुसार, युवक अपनी प्रेमिका को शादी कराने के इरादे से नेपाल स्थित अपने घर ले जा रहा था। युवक और किशोरी की गतिविधियां संदिग्ध शुक्रवार को 51वीं वाहिनी एसएसबी की ‘ई’ कंपनी के जवान सीमा स्तंभ संख्या 323/13 स्थित बाजार चेक पोस्ट पर भारत से नेपाल जाने वाले लोगों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान युवक और किशोरी की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। दोनों से अलग-अलग पूछताछ की गई तो युवक संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। पिता बोले-बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया एसएसबी ने जब किशोरी के परिजनों से संपर्क किया तो उसके पिता ने बताया कि उनकी नाबालिग बेटी को युवक बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। बाद में स्थानीय एनजीओ की प्रतिनिधि की मौजूदगी में किशोरी ने भी बताया कि युवक उसे शादी के लिए नेपाल लेकर जा रहा था। इसके बाद एसएसबी ने दोनों को सोनबरसा थाना पुलिस के हवाले कर दिया।

