झारखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी (जेयूटी) बीटेक की उत्तर पुस्तिका की जांच में फेल हो गया। सैकड़ों छात्रों को 0 से 4 अंक देकर फेल कर दिया। उत्तर पुस्तिकाओं की शुरुआती जांच में जिन छात्रों को 0 से 4 अंक देकर फेल कर दिया था, स्क्रूटनी और री-टोटलिंग के बाद उनके नंबर कई गुना तक बढ़ गए। 0 अंक वाले को 21 तो 3 अंक वाले को 39 नंबर मिल गए। वहीं जिसे 4 अंक मिले थे, उनका नंबर बढ़कर 46 हो गया। इस रिपोर्ट के बाद जेयूटी की मूल्यांकन प्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया। उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में इस तरह की लापरवाही ने छात्रों के भविष्य को अधर में धकेल दिया। जानिए…स्क्रूटनी के बाद कितने अंक बढ़ गए बड़ा सवाल : जिन फेल छात्रों ने आवेदन नहीं दिया, उनका क्या… जिन छात्रों ने स्क्रूटनी और री-टोटलिंग के लिए आवेदन दिया, उनके मामले में त्रुटियां सामने आ गई। उनके अंक भी बढ़ गए। लेकिन जो खुद को फेल मान बैठे या जेयूटी की लापरवाही की भेंट चढ़ गए, यूनिवर्सिटी प्रशासन भी कुछ स्पष्ट नहीं कर रहा है कि जब उनकी गलती थी तो अन्य छात्रों का क्या होगा।
उत्तर पुस्तिकाओं की जांच ही फेल:बीटेक में जिन्हें 0 अंक देकर फेल कर दिया, स्क्रूटनी में उन्हें मिले 21 अंक, 4 नंबर वाले को 46
झारखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी (जेयूटी) बीटेक की उत्तर पुस्तिका की जांच में फेल हो गया। सैकड़ों छात्रों को 0 से 4 अंक देकर फेल कर दिया। उत्तर पुस्तिकाओं की शुरुआती जांच में जिन छात्रों को 0 से 4 अंक देकर फेल कर दिया था, स्क्रूटनी और री-टोटलिंग के बाद उनके नंबर कई गुना तक बढ़ गए। 0 अंक वाले को 21 तो 3 अंक वाले को 39 नंबर मिल गए। वहीं जिसे 4 अंक मिले थे, उनका नंबर बढ़कर 46 हो गया। इस रिपोर्ट के बाद जेयूटी की मूल्यांकन प्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया। उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में इस तरह की लापरवाही ने छात्रों के भविष्य को अधर में धकेल दिया। जानिए…स्क्रूटनी के बाद कितने अंक बढ़ गए बड़ा सवाल : जिन फेल छात्रों ने आवेदन नहीं दिया, उनका क्या… जिन छात्रों ने स्क्रूटनी और री-टोटलिंग के लिए आवेदन दिया, उनके मामले में त्रुटियां सामने आ गई। उनके अंक भी बढ़ गए। लेकिन जो खुद को फेल मान बैठे या जेयूटी की लापरवाही की भेंट चढ़ गए, यूनिवर्सिटी प्रशासन भी कुछ स्पष्ट नहीं कर रहा है कि जब उनकी गलती थी तो अन्य छात्रों का क्या होगा।

