अंतरराष्ट्रीय विधवा दिवस पर नागा बाबा खटाल (रातू रोड) में एकल नारी सशक्ति संगठन, झारखंड के तत्वावधान में राज्यस्तरीय जनसभा व ज्ञापन कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें साहेबगंज, गोड्डा, दुमका, सिमडेगा, लातेहार सहित 15 जिलों से हजारों एकल महिलाएं शामिल हुईं। वक्ताओं ने कहा कि राज्य की एकल महिलाएं आर्थिक असुरक्षा, सामाजिक उपेक्षा, भूमि अधिकार से वंचना और अपर्याप्त पेंशन जैसी समस्याओं से जूझ रही हैं। जनाधिकार महासभा के सिराज दत्ता ने कहा कि इस महंगाई में ₹1000 पेंशन नाकाफी है, जबकि केंद्र सरकार मात्र 300 रुपए देती है। मतदाता सूची से नाम हटने की गड़बड़ियों पर भी उन्होंने सचेत किया। सामाजिक कार्यकर्ता एलिना होरो और बिन्नी ने एकल नारियों के गरिमामयी जीवन के लिए पेंशन बढ़ाकर 5000 रुपए करने की मांग उठाई। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाकर 5000 करने, निम्न आय वर्ग की एकल महिलाओं को अंत्योदय कार्ड से जोड़कर 35 किलो राशन देने, भूमिहीनों को जमीन व आवास योजना में प्राथमिकता देने तथा पैतृक व ससुराल की भूमि के खतियान में महिलाओं का नाम जोड़ने की मांग की। सभा का संचालन सुहागिनी, लीलावती एवं अनीता ने किया।
एकल महिलाओं की हुंकार… पेंशन 5 हजार करने व आवास योजना का लाभ देने की मांग
अंतरराष्ट्रीय विधवा दिवस पर नागा बाबा खटाल (रातू रोड) में एकल नारी सशक्ति संगठन, झारखंड के तत्वावधान में राज्यस्तरीय जनसभा व ज्ञापन कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें साहेबगंज, गोड्डा, दुमका, सिमडेगा, लातेहार सहित 15 जिलों से हजारों एकल महिलाएं शामिल हुईं। वक्ताओं ने कहा कि राज्य की एकल महिलाएं आर्थिक असुरक्षा, सामाजिक उपेक्षा, भूमि अधिकार से वंचना और अपर्याप्त पेंशन जैसी समस्याओं से जूझ रही हैं। जनाधिकार महासभा के सिराज दत्ता ने कहा कि इस महंगाई में ₹1000 पेंशन नाकाफी है, जबकि केंद्र सरकार मात्र 300 रुपए देती है। मतदाता सूची से नाम हटने की गड़बड़ियों पर भी उन्होंने सचेत किया। सामाजिक कार्यकर्ता एलिना होरो और बिन्नी ने एकल नारियों के गरिमामयी जीवन के लिए पेंशन बढ़ाकर 5000 रुपए करने की मांग उठाई। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाकर 5000 करने, निम्न आय वर्ग की एकल महिलाओं को अंत्योदय कार्ड से जोड़कर 35 किलो राशन देने, भूमिहीनों को जमीन व आवास योजना में प्राथमिकता देने तथा पैतृक व ससुराल की भूमि के खतियान में महिलाओं का नाम जोड़ने की मांग की। सभा का संचालन सुहागिनी, लीलावती एवं अनीता ने किया।

