शेखपुरा में सोमवार को संयुक्त कृषि भवन में खरीफ महाअभियान के तहत जिलास्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका औपचारिक शुभारंभ एडीएम लखींद्र पासवान ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी सह परियोजना निदेशक (आत्मा) ने एडीएम को ‘जल-जीवन-हरियाली’ के प्रतीक के रूप में पौधा भेंट कर सम्मानित किया। एडीएम लखींद्र पासवान ने जिले के सभी किसानों से अनिवार्य रूप से किसान पंजीकरण कराने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजीकरण ही सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की पहली और आवश्यक शर्त है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में पंजीकरण कराएं ताकि सरकारी सहायता सीधे उन तक पहुंच सके। कार्यशाला में जमीन के कागजात और मालिकाना हक के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई। एडीएम ने सभी जमीन मालिकों को निर्देश दिया कि यदि जमीन दादा-परदादा के नाम पर है, तो उसे तत्काल अपने नाम पर दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) करवाएं। इसके लिए संबंधित सरपंच से वंशावली निर्गत करवाएं, नामांतरण फॉर्म भरकर खाता, खसरा, रकवा और जमीन के आवश्यक कागजात संलग्न करें। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन कर अंचलाधिकारी के माध्यम से रसीद काटने की प्रक्रिया पूरी करें। उन्होंने कहा कि जमीन का रिकॉर्ड दुरुस्त रहने से भविष्य में किसानों को सरकारी योजनाओं और ऋण लेने में कोई कठिनाई नहीं होगी। जिले के किसानों को खरीफ सीजन के लिए उन्नत बीज की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि किसान शंकर धान और शंकर मक्का के बीज जिला कृषि कार्यालय से संपर्क कर प्राप्त कर सकते हैं। इस कार्यशाला में कृषि विभाग के कई वरीय पदाधिकारी, कर्मी, किसान समन्वयक और जिले के अनेक प्रगतिशील किसान उपस्थित थे। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों को खरीफ फसल की बुवाई के लिए तैयार करना और उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करना था।
एडीएम बोले-अधिक से अधिक किसान पंजीकरण कराएं:सरकारी योजनाओं और लाेन लेने में आसानी होगी,जिलास्तरीय कार्यशाला आयोजित
शेखपुरा में सोमवार को संयुक्त कृषि भवन में खरीफ महाअभियान के तहत जिलास्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका औपचारिक शुभारंभ एडीएम लखींद्र पासवान ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी सह परियोजना निदेशक (आत्मा) ने एडीएम को ‘जल-जीवन-हरियाली’ के प्रतीक के रूप में पौधा भेंट कर सम्मानित किया। एडीएम लखींद्र पासवान ने जिले के सभी किसानों से अनिवार्य रूप से किसान पंजीकरण कराने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजीकरण ही सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की पहली और आवश्यक शर्त है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में पंजीकरण कराएं ताकि सरकारी सहायता सीधे उन तक पहुंच सके। कार्यशाला में जमीन के कागजात और मालिकाना हक के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई। एडीएम ने सभी जमीन मालिकों को निर्देश दिया कि यदि जमीन दादा-परदादा के नाम पर है, तो उसे तत्काल अपने नाम पर दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) करवाएं। इसके लिए संबंधित सरपंच से वंशावली निर्गत करवाएं, नामांतरण फॉर्म भरकर खाता, खसरा, रकवा और जमीन के आवश्यक कागजात संलग्न करें। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन कर अंचलाधिकारी के माध्यम से रसीद काटने की प्रक्रिया पूरी करें। उन्होंने कहा कि जमीन का रिकॉर्ड दुरुस्त रहने से भविष्य में किसानों को सरकारी योजनाओं और ऋण लेने में कोई कठिनाई नहीं होगी। जिले के किसानों को खरीफ सीजन के लिए उन्नत बीज की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि किसान शंकर धान और शंकर मक्का के बीज जिला कृषि कार्यालय से संपर्क कर प्राप्त कर सकते हैं। इस कार्यशाला में कृषि विभाग के कई वरीय पदाधिकारी, कर्मी, किसान समन्वयक और जिले के अनेक प्रगतिशील किसान उपस्थित थे। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों को खरीफ फसल की बुवाई के लिए तैयार करना और उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करना था।

