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बेगूसराय सदर के अझौर पंचायत में रविवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की नीमा चांदपुरा इकाई ने एक कार्यक्रम किया। इसमें दर्जनों जरूरतमंद बच्चों को कलम, कॉपी और किताब समेत पढ़ाई का सामान बांटा गया। सामान पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। उन्होंने एबीवीपी के इस काम की तारीफ की। कार्यकर्ताओं ने बच्चों को नियमित पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य के लिए मेहनत करने को कहा। कार्यक्रम में इकाई मंत्री शशि राज भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि एबीवीपी छात्रों से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ सामाजिक कामों में भी सक्रिय रहती है। परिषद का मकसद समाज के सभी वर्गों तक शिक्षा और जागरूकता का संदेश पहुंचाना है। इसी मकसद से जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाई का सामान बांटा गया है। ताकि आर्थिक दिक्कत के कारण किसी बच्चे की पढ़ाई पर असर न पड़े। शशि राज ने बताया कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है। कई बार गरीब परिवारों के बच्चे जरूरी सामान न होने से पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पाते हैं। ऐसे बच्चों की मदद करना समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने परिषद के मूल मंत्र ‘ज्ञान, शील और एकता’ का जिक्र किया। कहा कि संगठन इसी सोच के साथ समाज के हित में काम कर रहा है। बच्चों को पढ़ाई के लिए बढ़ावा देने और उनमें रुचि बढ़ाने के लिए ऐसे कार्यक्रम आगे भी किए जाएंगे।
मौके पर रवि कुमार ने कहा कि परिषद का प्रयास केवल पढ़ाई की सामग्री उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास पैदा करना और उन्हें बेहतर भविष्य के लिए तैयार करना भी है। उन्होंने आगे कहा कि बच्चों को सही मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग मिले तो वे अपनी प्रतिभा के बल पर आगे बढ़ सकते हैं। इस दिशा में संगठन की ओर से लगातार प्रयास जारी रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों के साथ मौजूद शिक्षकों और ग्रामीणों ने भी एबीवीपी की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद बच्चों के बीच शिक्षा सामग्री का वितरण एक सराहनीय कदम है। इससे बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और उनमें आगे बढ़ने की भावना मजबूत होगी। ग्रामीणों ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने की उम्मीद जताई।
मौके पर परिषद के कार्यकर्ता पिंटू कुमार, चीकू कुमार, रूपेश कुमार, दिव्यांशु कुमार, आदर्श कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने बच्चों को पढ़ाई के प्रति जागरूक किया और शिक्षा के महत्व को समझाते हुए नियमित रूप से विद्यालय जाने तथा मन लगाकर पढ़ाई करने की अपील की।
