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रांची में ईडी और पुलिस के बीच चल रहे विवाद की अब सीबीआई जांच होगी। झारखंड हाईकोर्ट ने 23 करोड़ रुपए के पेयजल घोटाले के आरोपी संतोष कुमार द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के मामले में सीबीआई जांच का निर्देश दिया है। जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने बुधवार को आदेश देते हुए कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। अदालत ने सीबीआई निदेशक को इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान करने का निर्देश दिया है। साथ ही रांची के एयरपोर्ट थाना प्रभारी को मामले से जुड़े सभी दस्तावेज और साक्ष्य सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया गया है। इस मामले में 24 फरवरी को विस्तृत सुनवाई हुई थी। इसके बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने अपने आदेश में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि ईडी अफसरों पर पुलिस ने जल्दबाजी में कार्रवाई की है। अदालत ने कहा कि यह मामला असाधारण परिस्थितियों से जुड़ा है और इसमें कई प्रभावशाली लोग व राजनीतिज्ञ भी शामिल बताए जा रहे हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच जरूरी है। वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है
पेयजल घोटाले के आरोपी ने लगाया मारपीट का आरोप: 23 करोड़ रुपए के पेयजल घोटाले के आरोपी संतोष कुमार ने ईडी के रांची जोनल कार्यालय में पदस्थापित सहायक निदेशक प्रतीक व सहायक प्रवर्तन अधिकारी शुभम भारती के खिलाफ एयरपोर्ट थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। संतोष ने आरोप लगाया था कि अधिकारियों ने पूछताछ के दौरान उसके साथ मारपीट की और गंभीर चोट पहुंचाई। एफआईआर दर्ज होने के बाद एयरपोर्ट थाना की पुलिस जांच के लिए ईडी कार्यालय पहुंची और पूछताछ शुरू कर दी। इसके खिलाफ ईडी के दोनों अधिकारियों ने झारखंड हाईकोर्ट में निष्पक्ष जांच करने के लिए याचिका दाखिल की। ईडी की दलील… खुद सिर पर जग मार लिया: हाईकोर्ट में ईडी अधिकारियों की ओर से कहा गया कि शिकायतकर्ता संतोष कुमार को पहले से चिकित्सीय समस्याएं थीं। 12 जनवरी 2026 को संतोष खुद बयान दर्ज कराने ईडी ऑफिस आए थे। पूछताछ के दौरान वे उत्तेजित हो गए और टेबल पर रखा जग उठाकर सिर पर मार लिया। मामूली चोट लगी। सदर अस्पताल में उनकी मरहम-पट्टी कराई गई। फिर वे घर चले गए। अगले दिन केस कर दिया। बड़े नामों के खुलासे की आशंका, इसलिए मामला सीबीआई तक पहुंचा
पेयजल स्वच्छता विभाग के कैशियर संतोष कुमार पर 23 करोड़ रुपए के गबन का आरोप है। इस मामले में रांची पुलिस ने उसके खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज की है। पूछताछ के दौरान संतोष कुमार ने करोड़ों रुपए शेयर बाजार में निवेश करने और कुछ बड़े अधिकारियों की भूमिका का भी जिक्र किया था। हालांकि पुलिस की जांच मुख्य रूप से संतोष कुमार तक ही सीमित रही। इसके बाद ईडी ने इस मामले में ईसीआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान कई प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आने लगे। माना जा रहा है कि यही इस केस का टर्निंग प्वाइंट बना। बड़े नाम सामने न आएं, इसलिए ईडी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। कोर्ट ने इसे हाई प्रोफाइल मामला मानते हुए सीबीआई जांच का आदेश दे दिया।
एयरपोर्ट थाना सभी दस्तावेज-साक्ष्य सीबीआई को सौंपेगा:ईडी-पुलिस विवाद की सीबीआई जांच होगी, हाईकोर्ट ने कहा-जल्दबाजी में हुई कार्रवाई
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