
मुख्य बात
LPG Crisis: कोलकाता. पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट से एलपीजी की आपूर्ति लगभग बाधित है, जिसका असर पूरे देश में दिख रहा है. पूर्वी भारत के पश्चिम बंगाल भी इससे अछूते नहीं है और गंभीर एलपीजी संकट से जूझ रहे है. तीनों ही राज्यों में कमर्शियल गैस की भारी किल्लत है और ब्लैक मार्केटिंग से हॉस्टल, रेस्टोरेंट और होटलों के मेन्यू प्रभावित हुए हैं. अस्पताल, स्ट्रीट वेंडर और आम लोग खाना पकाने के लिए मजबूरी में कोयले और लकड़ी पर निर्भर हो गये हैं. वैकल्पिक ईंधन और जरूरी खाद्य पदार्थों की महंगाई तेजी से बढ़ने के कारण आम जनजीवन पूरी तरह बेहाल है. बंगाल के आधे से ज्यादा स्ट्रीट वेंडर्स या तो दुकानें बंद कर चुके हैं या एक समय ही लगा रहे हैं.
पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
5000 तक में बिक रहा एक सिलेंडर
एक ही टाइम दुकान लगा रहे स्ट्रीट वेंडर्स और छोटे कारोबारी बंगाल में स्ट्रीट वेंडर्स और छोटे फास्टफूड
टाइम ही दुकान लगाने को मजबूर एक टाइम भी दुकान कमर्शियल एलपीजी की ब्लैक मार्केटिंग की बदौलत चल रही है. लिहाजा, कारोबार आधे से भी कम हो गया है. हावड़ा एसी मार्केट में फास्टफूड की दुकान चलाने वाले राहुल श्रेष्ठ बताते हैं कि 1900 का कमर्शियल गैस अब ₹2500 और ब्लैक में ₹5000 तक में बिक रहा है. उन्होंने कोयला चूल्हा लगाकर दुकान एक टाइम कर दी है. स्ट्रीट फूड विक्रेता राजा मंडल के लिए जीविका का संघर्ष कड़ा हो गया है. पश्चिम बंगाल इंडेन एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसो के उपाध्यक्ष बिजन विश्वास ने बताया कि इ-केवाईसी की वजह से लाइनें हैं, डिलीवरी 5 से 7 दिनों में हो रही है.
Also Read: बंगाल में पहचान की लड़ाई, भाजपा के ‘घुसपैठिये’ से ममता की ‘बंगाली अस्मिता’ का मुकाबला
The post एलपीजी संकट: होटल-रेस्टोरेंट में मेन्यू हुआ आधा, एक ही टाइम दुकान लगा रहे स्ट्रीट वेंडर्स appeared first on Prabhat Khabar.
