Wednesday, October 14, 2026
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एसआरएफटीआई में 17 दिन से पढ़ाई ठप, कुलपति के इस्तीफे पर अड़े छात्र

SRFTI Students Protest: सत्यजीत राय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एसआरएफटीआई) में हिंसा की घटनाओं के विरोध में विद्यार्थियों का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा. छात्र संघ ने परिसर में सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए कुलपति संतोष अजमेरा से तत्काल इस्तीफे की मांग की है. संस्थान में पिछले 17 दिनों से शैक्षणिक गतिविधियां ठप होने का दावा भी छात्र संघ ने किया है.

सुरक्षा इंतजाम नहीं करने का आरोप

एसआरएफटीआई छात्र संघ ने 13 अक्टूबर को जारी बयान में आरोप लगाया कि 4 अक्टूबर को परिसर के द्वार तक रैली पहुंचने से पहले अधिकारियों ने पर्याप्त एहतियाती कदम नहीं उठाये, जबकि संभावित हिंसा को लेकर पहले ही चेतावनी मिल चुकी थी. छात्रों ने संस्थान के अधिकारियों पर पुलिस में दर्ज शिकायतों को कमजोर करने, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की धमकी देने और उनसे सार्थक बातचीत नहीं करने का भी आरोप लगाया.

27 सितंबर और 4 अक्टूबर को हुईं हिंसा की घटनाएं

विद्यार्थियों के अनुसार, 27 सितंबर और 4 अक्टूबर को परिसर में 2 अलग-अलग घटनाओं के दौरान कथित तौर पर उन पर हमला किया गया था. छात्र संघ के बयान के मुताबिक, 27 सितंबर की घटना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े समूह अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत (एबीजीपी) के एक कार्यक्रम के सिलसिले में हुई थी. संघ का दावा है कि इस मामले में पंचसायर थाने में शिकायत दर्ज करायी गयी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.

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प्रदर्शनकारियों ने संस्थान का द्वार तोड़ने की कोशिश की

4 अक्टूबर को बंगीय हिंदू जागरण मंच के सदस्यों के विरोध प्रदर्शन के दौरान परिसर में फिर झड़प हुई. छात्र संघ के मुताबिक, पुलिस द्वारा रोके जाने पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने संस्थान का द्वार तोड़ने की कोशिश की. संघ का आरोप है कि सोशल मीडिया पर परिसर तक मार्च निकालने की घोषणा से संबंधित पोस्ट प्रसारित होने के बावजूद प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को परिसर तक पहुंचने से रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाये.

पुलिस शिकायत में किसी संगठन का नाम नहीं होने का दावा

छात्र संघ ने आरोप लगाया कि 4 अक्टूबर की घटना के बाद दर्ज पुलिस शिकायत में किसी भी संगठन का नाम शामिल नहीं किया गया. संघ का कहना है कि इससे घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल उठते हैं. हालांकि, ये आरोप छात्र संघ की ओर से जारी बयान पर आधारित हैं.

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कुलपति के कार्यालय में धरने के दौरान हाथापाई का आरोप

छात्रों ने संस्थान के कुछ कर्मचारियों पर 5 और 6 अक्टूबर को कुलपति संतोष अजमेरा के कार्यालय में धरने के दौरान उनके साथ हाथापाई करने का आरोप भी लगाया. छात्र संघ का दावा है कि कुलपति ने न तो मामले में हस्तक्षेप किया और न ही कथित घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की.

कक्षाएं शुरू नहीं हुईं तो संस्थान बंद होने की चेतावनी का दावा

एसआरएफटीआई में पिछले 17 दिनों से शैक्षणिक गतिविधियां ठप हैं. छात्र संघ का दावा है कि कुलपति ने चेतावनी दी है कि यदि कक्षाएं दोबारा शुरू नहीं हुईं, तो संस्थान को बंद किया जा सकता है. विद्यार्थियों का धरना जारी है और वे कुलपति के इस्तीफे के साथ परिसर में सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा हिंसा की घटनाओं पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

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