भास्कर न्यूज|गुमला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के चन्दाली स्थित सभागार में सोमवार को पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में मासिक अपराध समीक्षा बैठक (क्राइम मीटिंग) का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिले की कानून-व्यवस्था, आगामी त्योहारों की तैयारी और लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई। बैठक की शुरुआत में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा कांड दैनिकी को समय पर न्यायालय में जमा करने के संबंध में पारित हालिया आदेशों पर चर्चा की गई। पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिया कि न्यायिक प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आदेशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। एसपी ने हाल ही में संपन्न हुए नगरपालिका आम चुनाव, होली, सरहुल, ईद और रामनवमी के शांतिपूर्ण समापन पर पुलिस बल की सराहना की। उन्होंने सभी पदाधिकारियों और जवानों को इसी तत्परता के साथ आगे भी कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। बैठक के दौरान जिले की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए: गंभीर अपराध: हत्या, बलात्कार, अपहरण, पोस्को और एससी -एसटी एक्ट से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा की गई। वारंट और कुर्की: लंबे समय से लंबित वारंट, स्थाई वारंट और कुर्की-इस्तेहार के निष्पादन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।तकनीकी पहल: ईडार, डायल 112, ई-साक्ष्य, सुदर्शना और गांडीव ऐप के प्रभावी उपयोग पर चर्चा हुई। सत्यापन कार्य: पासपोर्ट और चरित्र सत्यापन के आवेदनों को बिना देरी के निष्पादित करने को कहा गया। पुलिस अधीक्षक ने डायन प्रथा, मानव तस्करी और पलायन जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जन-जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए हेलमेट चेकिंग, शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई और एंटी-क्राइम वाहन चेकिंग अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही, जेल से जमानत पर छूटे अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखने, अवैध खनन रोकने और नक्सल विरोधी अभियान के लिए आसूचना संकलन को मजबूत करने की बात कही गई।