Tuesday, April 21, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

औरंगाबाद में एफसीआई गोदाम पर श्रमिकों ने की तालाबंदी:कहा- सरकार की ओर से निर्धारित प्रति बोरा 11 के जगह मात्र 5 रुपए मिल रहे


औरंगाबाद के प्रखंड मुख्यालय स्थित एफसीआई गोदाम पर मंगलवार को श्रमिकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन श्रमिक संगठन इंटक से संबद्ध राज्यव्यापी संगठन फूड एंड एलाइड वर्कर्स यूनियन के बैनर तले आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने सरकार और गोदाम प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शनकारी श्रमिकों का कहना है कि वे कई वर्षों से राज्य खाद्य निगम के गोदामों में लोडिंग और अनलोडिंग का कार्य कर रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें उनकी मेहनत के अनुरूप उचित मजदूरी नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि गोदाम प्रबंधक की ओर से मजदूरी भुगतान में लगातार अनियमितता बरती जा रही है। श्रमिकों के अनुसार, हाईकोर्ट के आदेश के तहत उन्हें प्रति यूनिट 11.67 रुपये का भुगतान किया जाना चाहिए, लेकिन वर्तमान में उन्हें मात्र 5.75 रुपये ही दिए जा रहे हैं, जो कि बेहद कम है। श्रमिकों ने कहा- ईपीएफ में भी गड़बड़ी की जा रही है श्रमिकों ने यह भी आरोप लगाया कि उनके ईपीएफ में भी गड़बड़ी की जा रही है। जहां उन्हें लगभग 1500 रुपये की राशि मिलनी चाहिए, वहां उनके खातों में केवल 200 से 300 रुपये ही जमा किए जा रहे हैं। इससे श्रमिकों में भारी असंतोष व्याप्त है। इसके अलावा, कार्यस्थल पर मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। श्रमिकों ने बताया कि गोदाम परिसर में न तो शौचालय की समुचित व्यवस्था है और न ही स्वच्छ पेयजल उपलब्ध है। भीषण गर्मी के इस दौर में पानी की कमी से उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार उन्हें दूर से पानी लाकर काम करना पड़ता है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। आक्रोशित श्रमिकों ने गोदाम के मेन गेट पर तालाबंदी कर चेतावनी दी अपनी मांगों को लेकर आक्रोशित श्रमिकों ने गोदाम के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो उनका आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेता अजय कुमार सिंह ने भी श्रमिकों का समर्थन करते हुए कहा कि कुछ लोग मजदूरों के हक का शोषण कर रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। श्रमिकों ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर उनकी समस्याओं का समाधान कराने की मांग की है, ताकि उन्हें उनका उचित अधिकार और सम्मान मिल सके।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles