औरंगाबाद के देव थाना क्षेत्र अंतर्गत सड़कर गांव में आज एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। घर के कमरे की छत से सीलिंग की परत अचानक भरभराकर गिर पड़ी, जिससे एक मासूम बच्चे समेत तीन लोग घायल हो गए। परिजन घायलों को लेकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे। घायलों की पहचान गृहस्वामी अरुण तिवारी, उनकी पत्नी मालती देवी और पांच साल के मासूम छोटू के रूप में की गई है। इनमें अरुण तिवारी की हालत गंभीर होने पर उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार किया गया। मालती देवी और मासूम बच्चे का स्थानीय स्तर पर इलाज कराया गया। परिजनों ने बताया कि रविवार दोपहर खाना खाने के बाद अरुण तिवारी अपनी पत्नी और बच्चे के साथ कमरे में आराम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक कमरे की छत से सीलिंग की परत टूटकर नीचे गिर गई। देखते ही देखते कमरे में मलबा फैल गया और तीनों लोग उसकी चपेट में आकर घायल हो गए। हादसे के बाद आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे।स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया। परिजनों का कहना है कि जिस तरह से छत की परत गिरी, उससे बड़ा हादसा हो सकता था। संयोग अच्छा रहा कि परिवार के सभी सदस्य बाल-बाल बच गए। घटना के बाद कमरे में मलबा फैल गया था, जिसे हटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। घर की छत काफी पुरानी थी और सीलिंग की परत कमजोर हो चुकी थी। ग्रामीणों का कहना है कि पुराने मकानों में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल है। घटना के बाद गांव में लोगों की भीड़ जुटी रही और सभी परिवार के हालचाल जानने पहुंचते रहे।फिलहाल सदर अस्पताल में अरुण तिवारी का इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति पहले से बेहतर बताई जा रही है।
औरंगाबाद में घर के छत की सीलिंग गिरी:घर में सो रहे मासूम समेत तीन लोग घायल, स्थानीय लोगों ने जख्मियों को निकाला
औरंगाबाद के देव थाना क्षेत्र अंतर्गत सड़कर गांव में आज एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। घर के कमरे की छत से सीलिंग की परत अचानक भरभराकर गिर पड़ी, जिससे एक मासूम बच्चे समेत तीन लोग घायल हो गए। परिजन घायलों को लेकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे। घायलों की पहचान गृहस्वामी अरुण तिवारी, उनकी पत्नी मालती देवी और पांच साल के मासूम छोटू के रूप में की गई है। इनमें अरुण तिवारी की हालत गंभीर होने पर उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार किया गया। मालती देवी और मासूम बच्चे का स्थानीय स्तर पर इलाज कराया गया। परिजनों ने बताया कि रविवार दोपहर खाना खाने के बाद अरुण तिवारी अपनी पत्नी और बच्चे के साथ कमरे में आराम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक कमरे की छत से सीलिंग की परत टूटकर नीचे गिर गई। देखते ही देखते कमरे में मलबा फैल गया और तीनों लोग उसकी चपेट में आकर घायल हो गए। हादसे के बाद आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे।स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया। परिजनों का कहना है कि जिस तरह से छत की परत गिरी, उससे बड़ा हादसा हो सकता था। संयोग अच्छा रहा कि परिवार के सभी सदस्य बाल-बाल बच गए। घटना के बाद कमरे में मलबा फैल गया था, जिसे हटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। घर की छत काफी पुरानी थी और सीलिंग की परत कमजोर हो चुकी थी। ग्रामीणों का कहना है कि पुराने मकानों में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल है। घटना के बाद गांव में लोगों की भीड़ जुटी रही और सभी परिवार के हालचाल जानने पहुंचते रहे।फिलहाल सदर अस्पताल में अरुण तिवारी का इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति पहले से बेहतर बताई जा रही है।

