औरंगाबाद के जनजातीय बहुल क्षेत्रों में आज भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देश पर जन भागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले अभियान के तहत स्वास्थ्य शिविर और वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कुटुम्बा प्रखंड के घेउरा गांव और देव प्रखंड के छुछिया गांव में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। अभियान का उद्देश्य दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं, सरकारी योजनाओं की जानकारी और जागरूकता गतिविधियों को पहुंचाना है। आयोजित चिकित्सा शिविर में ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और चिकित्सकों की ओर से आवश्यक परामर्श और नि:शुल्क दवाएं वितरित की गईं। शिविर में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया। स्वास्थ्यकर्मियों ने ग्रामीणों को पोषण, स्वच्छता, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, मौसमी बीमारियों से बचाव और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में जानकारी दी। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों की जानकारी देकर पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने स्वास्थ्य शिविर में लिया भाग ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक शिविर में भाग लेते हुए स्वास्थ्य जांच कराई और जागरूकता कार्यक्रमों में सहभागिता निभाई। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के शिविरों का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक सरकारी सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में जनजातीय गौरव उत्सव के तहत कुटुम्बा प्रखंड के घेउरा गांव स्थित सामुदायिक भवन परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। वन विभाग संडा के आरएफओ अविनाश कुमार ने ग्रामीणों के साथ मिलकर बरगद, पीपल और करंज सहित कई उपयोगी और पर्यावरण हितैषी पौधे लगाए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और हरियाली के लिए वृक्षारोपण बेहद जरूरी है। पेड़-पौधे मानव जीवन के आधार हैं और शुद्ध वायु, छाया और वर्षा संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और देखभाल की अपील आरएफओ ने कहा कि बरगद और पीपल लंबे समय तक ऑक्सीजन देने वाले वृक्ष हैं, जबकि करंज औषधीय गुणों से भरपूर पौधा है। उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की। कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों और समाजसेवियों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया और कहा कि ऐसे आयोजन समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए जरूरी हैं। कार्यक्रम में संबंधित विभागों के अधिकारी, स्वास्थ्यकर्मी, आंगनबाड़ी सेविकाएं, आशा कार्यकर्ता, वन विभाग के कर्मी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। मौके पर मांडवी कुमारी समेत अन्य कर्मियों ने भी ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया।
औरंगाबाद में मनाया जनजातीय गौरव उत्सव:लोगों को दी मुफ्त में दवा, स्वास्थ्य का हुआ टेस्ट, बीमारियों से बचाव की दी जानकारी
औरंगाबाद के जनजातीय बहुल क्षेत्रों में आज भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देश पर जन भागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले अभियान के तहत स्वास्थ्य शिविर और वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कुटुम्बा प्रखंड के घेउरा गांव और देव प्रखंड के छुछिया गांव में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। अभियान का उद्देश्य दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं, सरकारी योजनाओं की जानकारी और जागरूकता गतिविधियों को पहुंचाना है। आयोजित चिकित्सा शिविर में ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और चिकित्सकों की ओर से आवश्यक परामर्श और नि:शुल्क दवाएं वितरित की गईं। शिविर में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया। स्वास्थ्यकर्मियों ने ग्रामीणों को पोषण, स्वच्छता, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, मौसमी बीमारियों से बचाव और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में जानकारी दी। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों की जानकारी देकर पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने स्वास्थ्य शिविर में लिया भाग ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक शिविर में भाग लेते हुए स्वास्थ्य जांच कराई और जागरूकता कार्यक्रमों में सहभागिता निभाई। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के शिविरों का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक सरकारी सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में जनजातीय गौरव उत्सव के तहत कुटुम्बा प्रखंड के घेउरा गांव स्थित सामुदायिक भवन परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। वन विभाग संडा के आरएफओ अविनाश कुमार ने ग्रामीणों के साथ मिलकर बरगद, पीपल और करंज सहित कई उपयोगी और पर्यावरण हितैषी पौधे लगाए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और हरियाली के लिए वृक्षारोपण बेहद जरूरी है। पेड़-पौधे मानव जीवन के आधार हैं और शुद्ध वायु, छाया और वर्षा संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और देखभाल की अपील आरएफओ ने कहा कि बरगद और पीपल लंबे समय तक ऑक्सीजन देने वाले वृक्ष हैं, जबकि करंज औषधीय गुणों से भरपूर पौधा है। उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की। कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों और समाजसेवियों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया और कहा कि ऐसे आयोजन समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए जरूरी हैं। कार्यक्रम में संबंधित विभागों के अधिकारी, स्वास्थ्यकर्मी, आंगनबाड़ी सेविकाएं, आशा कार्यकर्ता, वन विभाग के कर्मी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। मौके पर मांडवी कुमारी समेत अन्य कर्मियों ने भी ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया।

