![]()
बिहार में शराबबंदी के बीच नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ औरंगाबाद पुलिस को सफलता हाथ लगी है। जिले की मुफस्सिल थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए करीब 96.61 किलोग्राम डोडा (अफीम का छिलका) बरामद किया है। इस मामले में पुलिस ने चार अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक आरोपी पंजाब का रहने वाला है। गिरफ्तार तस्करों की पहचान पंजाब के पटियाला थाना क्षेत्र के दिवाली कला निवासी जीत सिंह, औरंगाबाद के बारुण थाना क्षेत्र के भलुआइयां निवासी अजय सिंह, जोगिया निवासी मंजीत कुमार और दुर्गा कुमार के रूप में हुई है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मुफस्सिल थाना अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि मद्य निषेध इकाई, पटना से खुफिया इनपुट मिला हुआ था कि देव की ओर से एक टेंपो और उसके पीछे चल रही एक ऑल्टो कार में अवैध मादक पदार्थ की बड़ी खेप शहर की ओर लाई जा रही है। सूचना मिलते ही एसपी के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया और इलाके में नाकेबंदी कर दी गई। मद्य निषेध इकाई और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने सघन वाहन जांच अभियान शुरू किया। फिल्मी स्टाइल में पीछा, भवानी होटल के पास गिरफ्तारी पुलिस टीम ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र के देव मोड़ के पास जांच के दौरान संदिग्ध टेंपो और कार को आते देखा। पुलिस को देखते ही तस्करों ने गाड़ी तेज कर भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों वाहनों का पीछा किया। कुछ दूरी तक चले इस पीछा अभियान के बाद एनएच-19 स्थित भवानी होटल के पास घेराबंदी कर चारों तस्करों को दबोच लिया गया। गाड़ी की तलाशी के दौरान टेंपो से तीन बोरों में भरा कुल 96.61 किलोग्राम डोडा बरामद किया गया। इसके अलावा पुलिस ने मौके से 22,070 रुपये नकद तथा तस्करी में प्रयुक्त टेंपो और ऑल्टो कार को भी जब्त कर लिया है। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इसके नेटवर्क की जांच में जुट गई है, ताकि तस्करी के पूरे तंत्र का पर्दाफाश किया जा सके। बता दें कि देव और मदनपुर प्रखंड के जंगली इलाकों में अवैध रूप से अफीम की खेती होने की बात सामने आती रही है। पुलिस की ओर से समय-समय पर अभियान चलाकर इन फसलों को नष्ट भी किया जाता रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन्हीं इलाकों से डोडा की खेप बाहर भेजी जा रही थी। पुलिस की इस कार्रवाई से मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में लगे लोगों के बीच हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के अवैध धंधों के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा।
