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कटिहार के मनिहारी प्रखंड की धुरियाही पंचायत में गंगा नदी का कटाव लगातार तेज हो रहा है, जिससे वार्ड संख्या 3, 4, 5 और 6 के अस्तित्व पर गंभीर संकट आ गया है। पिछले लगभग तीन वर्षों से ग्रामीण गंगा कटाव की त्रासदी झेल रहे हैं। कटाव की तीव्र गति के कारण कई परिवारों के सामने अपने घर और जमीन बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… 100 से अधिक परिवार गंगा में समा चुके गंगा किनारे बसे 200 से अधिक परिवारों के घरों पर कटाव का खतरा मंडरा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में 100 से अधिक परिवारों के घर गंगा में समा चुके हैं, जिससे उन्हें विस्थापन के लिए मजबूर होना पड़ा है। कई परिवार अपने घरों को स्वयं तोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि हजारों एकड़ कृषि भूमि भी गंगा की धारा में विलीन हो चुकी है। आजीविका तथा आशियाने का गंभीर संकट कटाव प्रभावित रवि पासवान, शकुंतला देवी और कन्हैया कुमार ने बताया कि उनकी कृषि भूमि, घर और अन्य संपत्ति गंगा कटाव की भेंट चढ़ चुकी है। उनका कहना है कि कटाव लगातार बढ़ रहा है और लोगों के सामने आजीविका तथा आशियाने का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। अब धुरियाही पंचायत का पंचायत सरकार भवन भी कटाव की जद में आ गया है। ग्रामीणों के अनुसार, कटाव स्थल से भवन की दूरी घटकर महज 50 से 60 मीटर रह गई है। हालांकि, लगभग 250 मीटर क्षेत्र में कटावरोधी कार्य कराया गया है, लेकिन ग्रामीण इसे अपर्याप्त बताते हुए स्थायी सुरक्षा कार्य की मांग कर रहे हैं। डीएम बोले-कटावरोधी कार्य कराए जा रहे जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि गंगा कटाव रोकने के लिए लगातार फ्लड फाइटिंग और कटावरोधी कार्य कराए जा रहे हैं। आवश्यक सामग्री पहले से उपलब्ध है और जहां-जहां कटाव की सूचना मिल रही है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यपालक अभियंता और जूनियर इंजीनियर के माध्यम से संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि समय रहते लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

