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कटिहार में जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से सरकार ने पेपरलेस व्यवस्था लागू की है। अब जमीन की रजिस्ट्री ऑनलाइन माध्यम से की जा रही है, जिससे कागजी कार्रवाई कम हुई है। हालांकि, नई प्रणाली लागू होने के बाद कटिहार निबंधन कार्यालय में रजिस्ट्री कराने वालों की संख्या में कमी देखी जा रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, लोगों को नई व्यवस्था को समझने और अपनाने में कुछ समय लग रहा है। जिला अवर निबंधक अजय कुमार ने बताया कि ऑनलाइन प्रक्रिया काफी सरल है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… ओटीपी के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा उन्होंने बताया कि रजिस्ट्री के दौरान संबंधित पक्षों को कार्यालय पहुंचकर कुछ सवालों के जवाब देने होंगे। इस नई व्यवस्था की एक बड़ी राहत यह है कि अब गवाह को साथ लाना अनिवार्य नहीं होगा। गवाह का आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज कर ओटीपी के माध्यम से उसका सत्यापन किया जा सकेगा। डिजिटल सिग्नेचर, आधार बायोमेट्रिक का उपयोग रजिस्ट्री प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए डिजिटल सिग्नेचर, आधार आधारित बायोमेट्रिक और ओटीपी वेरिफिकेशन का उपयोग किया जा रहा है। विभाग का दावा है कि इससे फर्जीवाड़े-भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही, रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगे और ऑनलाइन एंट्री की सुविधा भी उपलब्ध होगी। हालांकि, इस पेपरलेस व्यवस्था ने कातिबों की चिंता बढ़ा दी है। कातिब संघ का कहना है कि ऑनलाइन रजिस्ट्री प्रणाली उनके पारंपरिक रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगी। कातिबों ने सरकार से नियमों में आवश्यक बदलाव करने और उनके रोजगार को सुरक्षित रखने की मांग की है। उनका तर्क है कि उनके परिवारों की आजीविका लंबे समय से इसी कार्य पर निर्भर है। ऐसे में नई व्यवस्था लागू करते समय उनके हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। अब देखना होगा कि यह पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था आम लोगों के लिए कितनी सुविधाजनक साबित होती है और कातिबों की रोजगार संबंधी चिंताओं का समाधान किस प्रकार किया जाता है।
