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भास्कर न्यूज | गढ़वा प्रखंड के जोबरइया गांव में आठ मार्च से 16 मार्च तक आयोजित नौ दिवसीय श्री रुद्र महायज्ञ के दौरान यज्ञाधीश आचार्य श्री श्री आशीष बैद्य जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि उनका जीवन सनातन धर्म की ध्वजा को सदैव लहराते रखने के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि कलियुग में कालों के काल महाकाल की आराधना करने वाला व्यक्ति अपने समस्त परिजनों के साथ पापों से मुक्त होकर स्वर्ग सुख का अधिकारी बनता है। प्रवचन के दौरान उन्होंने धर्म पुराणों, रामायण और श्रीमद्भागवत में वर्णित नवधा भक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि त्रेता युग में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने भी शिव और शक्ति की आराधना कर अधर्मी रावण पर विजय प्राप्त की थी। उन्होंने कहा कि कलयुग से मुक्ति का एकमात्र साधन भगवद भक्ति है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि 16 मार्च को महायज्ञ की पूर्णाहुति के अवसर पर जहां संपूर्ण देवलोक का आगमन माना जाता है, वहां अधिक से अधिक संख्या में श्रद्धालु अपने परिवार, इष्ट-मित्रों और रिश्तेदारों के साथ यज्ञ मंडप में पहुंचकर अपने जीवन को धन्य बनाएं। नौ दिवसीय महायज्ञ के दौरान सुबह-शाम दिव्य आरती, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ नीलकंठ महादेव का रुद्राभिषेक तथा विभिन्न प्रकार की गो-घृत मिश्रित समिधाओं की आहुति से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है। स्थानीय विद्वान आचार्यों के साथ काशी से आए वैदिक आचार्यों की संगीतमय मंत्र ध्वनि से दूर-दूर तक भक्ति का माहौल बन गया है। छोटे-छोटे बच्चों से लेकर माताएं, बहनें और वृद्ध श्रद्धालु सुबह से ही राम नाम संकीर्तन के साथ यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर रहे हैं, जो देर रात तक जारी रहता है। वहीं काशी से पधारे कथावाचक पंकज शांडिल्य प्रतिदिन शाम को श्रीराम कथा का रसपान करा रहे हैं, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। महायज्ञ को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित तरीके से सफल बनाने के लिए ग्रामीण समाजसेवी राकेश पाल, जितेंद्र पाल, सत्येंद्र पाल, ओमप्रकाश पाल, विवेकानंद पाल, विक्की सहित ग्रामीणों के नेतृत्व में युवाओं की सुरक्षात्मक टोलियों का गठन किया गया है।
कलयुग से मुक्ति का एकमात्र साधन भक्ति : आचार्य आशीष
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