झारखंड में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर इंडिया गठबंधन के भीतर हलचल तेज हो गई है। विधानसभा में विधायकों के गणित के आधार पर देखा जाए तो राज्यसभा की दोनों सीट गठबंधन के खाते में जाती दिखाई दे रही है। हालांकि इसके लिए गठबंधन के भीतर एकता बनाए रखना जरूरी माना जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के राजू दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को झारखंड आ रहे हैं। वह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर राज्यसभा चुनाव को लेकर चर्चा करेंगे। इस बैठक में कोशिश होगी कि गठबंधन के भीतर झामुमो और कांग्रेस को एक-एक सीट मिले। प्रदेश प्रभारी के राजू के साथ कांग्रेस नेता और तेलंगाना के डिप्टी सीएम मल्लु भट्टी विक्रमार्क भी मुख्यमंत्री के साथ वार्ता में शामिल होंगे। कांग्रेस नेतृत्व मुख्यमंत्री को आला कमान का संदेश देने के साथ अपने तर्कों से भी संतुष्ट करने और कांग्रेस उम्मीदवार के लिए उनकी सहमति लेने का प्रयास करेगा। के राजू और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश पहले भी राज्यसभा की एक सीट पर कांग्रेस का दावा जता चुके हैं। राजद-वामदलों से भी होगी वार्ता
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बातचीत करेंगे। इसके बाद वे गठबंधन के अन्य सहयोगी दलों राजद और वाम दलों से भी चर्चा करेंगे। के राजू ने उम्मीद जताई है कि गठबंधन के भीतर सभी मुद्दों पर सहमति बन जाएगी। सुबोधकांत व राजेश ठाकुर के नाम चर्चा में
दावेदारों ने लोगों शुरू कर दी है पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर का नाम चर्चा में है। प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता, पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष शहजादा अनवर और पूर्व सांसद फुरकान अंसारी भी संभावित चेहरों में गिने जा रहे हैं। पार्टी इस बार सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है। दिलचस्प यह है कि 2020 में उम्मीदवार रहे शहजादा अनवर ने फिर दावेदारी के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखा है। पिछली बार में चुनाव हार गए थे। सत्तापक्ष के विधायकों की संख्या
पार्टी विधायकों की संख्या
जेएमएम 34
कांग्रेस 16
राजद 04
माले 02
कुल 56


