पॉलिटिकल रिपोर्टर|रांची भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कांग्रेस द्वारा राज्यसभा चुनाव परिणाम को लेकर आयोजित प्रेसवार्ता में भाजपा पर लगाए आरोपों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि राज्यसभा चुनाव में अपनी करारी हार के सदमे से कांग्रेस पार्टी अभी तक उबर नहीं पाई है। इसी कारण कांग्रेस खुद अपना आत्ममंथन छोड़ भाजपा के खिलाफ उलूल जुलूल बयानबाजी कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अब इस जन्म में कांग्रेस हार के सदमे से उबरने वाली भी नहीं है। राज्यसभा चुनाव से उनकी हार का सिलसिला शुरू हो गया है, 2029 का लोकसभा और विधानसभा चुनाव अभी बाकी ही है। साहू ने कहा कि इतनी किरकिरी के बाद भी कांग्रेस द्वारा सरकार में बने रहने वाला बयान कोई आश्चर्य पैदा नहीं करता है। चाहे कितनी भी दुर्गति हो जााए, सत्ता से चिपके रहना कांग्रेस का तो स्वभाव ही है। अब इतनी दुर्गति के बावजूद भी कांग्रेस संतुष्ट है तो उनका भगवान ही मालिक है। कांग्रेस कहती है कि वे कोई भी विष पीने को तैयार हैं। वास्तविकता तो यह है कि कांग्रेस सरकार से चिपककर मलाई खाने का काम कर रही है। जबकि कांग्रेस जैसे निकम्मे दल के हाथों में शासन होने के कारण असली विष तो जनता को पीना पड़ रहा है। साहू ने कहा कि कांग्रेस एनडीए समर्थित जिस प्रत्याशी को बाहरी बता रही है, कांग्रेस क्यों भूल जाती है कि परिमल नाथवानी दो बार यहां से सांसद रह चुके हैं। उन्होंने यहां उल्लेखनीय कार्य किए हैं। कांग्रेस पहले यह बतलाए कि प्रत्याशी तो दूर क्या उनके स्थानीय नेता और कार्यकर्ता पोलिंग एजेंट बनने लायक भी नहीं थे जो बाहरी लोगों को, कर्नाटक के सांसद नासिर हुसैन को काउंटिंग एजेंट बना दिया गया। कांग्रेस ने अपने झारखंड प्रभारी के. राजू एवं सह प्रभारी सीरी वेल्ला प्रसाद को पोलिंग एजेंट बनाने का काम किया। क्या कांग्रेस को अपने स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं पर थोड़ा भी भरोसा नहीं है।
कितनी भी दुर्गति हो जाए, सत्ता से चिपके रहना कांग्रेस का स्वभाव : आदित्य साहू
पॉलिटिकल रिपोर्टर|रांची भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कांग्रेस द्वारा राज्यसभा चुनाव परिणाम को लेकर आयोजित प्रेसवार्ता में भाजपा पर लगाए आरोपों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि राज्यसभा चुनाव में अपनी करारी हार के सदमे से कांग्रेस पार्टी अभी तक उबर नहीं पाई है। इसी कारण कांग्रेस खुद अपना आत्ममंथन छोड़ भाजपा के खिलाफ उलूल जुलूल बयानबाजी कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अब इस जन्म में कांग्रेस हार के सदमे से उबरने वाली भी नहीं है। राज्यसभा चुनाव से उनकी हार का सिलसिला शुरू हो गया है, 2029 का लोकसभा और विधानसभा चुनाव अभी बाकी ही है। साहू ने कहा कि इतनी किरकिरी के बाद भी कांग्रेस द्वारा सरकार में बने रहने वाला बयान कोई आश्चर्य पैदा नहीं करता है। चाहे कितनी भी दुर्गति हो जााए, सत्ता से चिपके रहना कांग्रेस का तो स्वभाव ही है। अब इतनी दुर्गति के बावजूद भी कांग्रेस संतुष्ट है तो उनका भगवान ही मालिक है। कांग्रेस कहती है कि वे कोई भी विष पीने को तैयार हैं। वास्तविकता तो यह है कि कांग्रेस सरकार से चिपककर मलाई खाने का काम कर रही है। जबकि कांग्रेस जैसे निकम्मे दल के हाथों में शासन होने के कारण असली विष तो जनता को पीना पड़ रहा है। साहू ने कहा कि कांग्रेस एनडीए समर्थित जिस प्रत्याशी को बाहरी बता रही है, कांग्रेस क्यों भूल जाती है कि परिमल नाथवानी दो बार यहां से सांसद रह चुके हैं। उन्होंने यहां उल्लेखनीय कार्य किए हैं। कांग्रेस पहले यह बतलाए कि प्रत्याशी तो दूर क्या उनके स्थानीय नेता और कार्यकर्ता पोलिंग एजेंट बनने लायक भी नहीं थे जो बाहरी लोगों को, कर्नाटक के सांसद नासिर हुसैन को काउंटिंग एजेंट बना दिया गया। कांग्रेस ने अपने झारखंड प्रभारी के. राजू एवं सह प्रभारी सीरी वेल्ला प्रसाद को पोलिंग एजेंट बनाने का काम किया। क्या कांग्रेस को अपने स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं पर थोड़ा भी भरोसा नहीं है।

