किशनगंज जिले के बहादुरगंज थाना क्षेत्र के कटहलबाड़ी हाट में एक नाबालिग लड़के और लड़की के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों द्वारा की गई पिटाई का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे इलाके में बहस छिड़ गई है। जानकारी के अनुसार, हाट परिसर में मौजूद कुछ लोगों ने दोनों नाबालिगों को पकड़ लिया और कथित तौर पर सार्वजनिक रूप से उनकी पिटाई कर दी। मौके पर मौजूद लोगों ने इस घटना का वीडियो बना लिया, जिसे बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया। बताया जा रहा है कि अहमद खान नामक युवक ने यह वीडियो वायरल किया है। लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग स्थानीय लोगों की इस कार्रवाई को सही ठहरा रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में यूजर्स इस घटना का विरोध कर रहे हैं। विरोध करने वालों का कहना है कि यदि कोई मामला था, तो इसकी सूचना पुलिस या अभिभावकों को दी जानी चाहिए थी, न कि कानून अपने हाथ में लेकर मारपीट की जाती। सोशल मीडिया पर अधिकांश यूजर्स ने नाबालिगों का वीडियो सार्वजनिक रूप से वायरल किए जाने पर भी आपत्ति जताई है। लोगों का तर्क है कि किसी भी नाबालिग की पहचान उजागर करना और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करना कानूनी रूप से अपराध की श्रेणी में आता है। नाबालिगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की जा सकती वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव रंजन (बबला) ने इस संबंध में बताया कि किशोर न्याय अधिनियम और बच्चों की निजता से जुड़े नियमों के तहत नाबालिगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की जा सकती। वीडियो वायरल होने के बाद अब लोगों की नजर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है। हालांकि, देर शाम तक इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। स्थानीय लोगों का मानना है कि सोशल मीडिया के दौर में ऐसी घटनाएं तेजी से फैल जाती हैं, लेकिन बिना जांच और संवेदनशीलता के किसी नाबालिग का वीडियो वायरल करना उसके भविष्य और मानसिक स्थिति पर गंभीर नकारात्मक असर डाल सकता है।
किशनगंज में नाबालिग लड़का-लड़की से मारपीट:सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से लोगों में नाराजगी
किशनगंज जिले के बहादुरगंज थाना क्षेत्र के कटहलबाड़ी हाट में एक नाबालिग लड़के और लड़की के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों द्वारा की गई पिटाई का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे इलाके में बहस छिड़ गई है। जानकारी के अनुसार, हाट परिसर में मौजूद कुछ लोगों ने दोनों नाबालिगों को पकड़ लिया और कथित तौर पर सार्वजनिक रूप से उनकी पिटाई कर दी। मौके पर मौजूद लोगों ने इस घटना का वीडियो बना लिया, जिसे बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया। बताया जा रहा है कि अहमद खान नामक युवक ने यह वीडियो वायरल किया है। लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग स्थानीय लोगों की इस कार्रवाई को सही ठहरा रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में यूजर्स इस घटना का विरोध कर रहे हैं। विरोध करने वालों का कहना है कि यदि कोई मामला था, तो इसकी सूचना पुलिस या अभिभावकों को दी जानी चाहिए थी, न कि कानून अपने हाथ में लेकर मारपीट की जाती। सोशल मीडिया पर अधिकांश यूजर्स ने नाबालिगों का वीडियो सार्वजनिक रूप से वायरल किए जाने पर भी आपत्ति जताई है। लोगों का तर्क है कि किसी भी नाबालिग की पहचान उजागर करना और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करना कानूनी रूप से अपराध की श्रेणी में आता है। नाबालिगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की जा सकती वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव रंजन (बबला) ने इस संबंध में बताया कि किशोर न्याय अधिनियम और बच्चों की निजता से जुड़े नियमों के तहत नाबालिगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की जा सकती। वीडियो वायरल होने के बाद अब लोगों की नजर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है। हालांकि, देर शाम तक इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। स्थानीय लोगों का मानना है कि सोशल मीडिया के दौर में ऐसी घटनाएं तेजी से फैल जाती हैं, लेकिन बिना जांच और संवेदनशीलता के किसी नाबालिग का वीडियो वायरल करना उसके भविष्य और मानसिक स्थिति पर गंभीर नकारात्मक असर डाल सकता है।
