किशनगंज के बैसा जुरैल स्थित ‘बांसबाड़ी छलका बांध ‘ पर अब आम लोगों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। बहादुरगंज पुलिस ने ग्रामीणों की शिकायत के बाद यह कार्रवाई की है। ग्रामीणों ने बाँध पर बढ़ती भीड़ और असामाजिक तत्वों के हुड़दंग को लेकर हाल ही में थानाध्यक्ष को आवेदन सौंपा था। ग्रामीणों ने अपने आवेदन में बताया था कि यह छलका बांध मूल रूप से कृषि कार्यों के लिए बनाया गया था। सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी फैलने के बाद दूर-दराज से बड़ी संख्या में लोग यहाँ पहुंचने लगे थे। ये लोग बाँध में नहाते और हुड़दंग मचाते थे, जिससे बांध के अस्तित्व और आसपास की फसलों को नुकसान हो रहा था। महिलाओं और बच्चियों के साथ छेड़खानी की घटनाओं का भी जिक्र शिकायत में असामाजिक तत्वों द्वारा महिलाओं और बच्चियों के साथ छेड़खानी की घटनाओं का भी जिक्र था। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि 6 अगस्त 2021 को अनुमंडल कार्यालय के आदेश से इस बाँध पर पहले भी प्रतिबंध लगाया गया था, जिसका उल्लंघन हो रहा था। पूर्व में बाँध में डूबने से बच्चों की मौत की घटनाएँ भी हुई थीं। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए, बहादुरगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद, पुलिस ने छलका बांध में आम लोगों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। प्रशासन ने आदेश का उल्लंघन रोकने के लिए बाँध पर सिपाहियों को भी तैनात किया है। बिना अनुमति किसी को भी जाने की इजाजत नहीं होगी थानाध्यक्ष ने जानकारी दी कि कृषि उद्देश्यों के लिए बने इस बांध पर अब बिना अनुमति किसी को भी जाने की इजाजत नहीं होगी। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस कार्रवाई से ग्रामीणों ने संतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि इस कदम से फसलों का नुकसान रुकेगा और गाँव का माहौल शांत रहेगा। यह उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी इस बाँध पर प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन सख्ती के अभाव में भीड़ फिर से जुटने लगी थी। इस बार, पुलिस ने आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए स्थायी रूप से सिपाहियों की तैनाती की है।
किशनगंज में बांसबाड़ी छलका बांध पर कम्प्लीट बैन:ग्रामीणों की शिकायत पर बहादुरगंज पुलिस का एक्शन, सिपाही भी तैनात
किशनगंज के बैसा जुरैल स्थित ‘बांसबाड़ी छलका बांध ‘ पर अब आम लोगों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। बहादुरगंज पुलिस ने ग्रामीणों की शिकायत के बाद यह कार्रवाई की है। ग्रामीणों ने बाँध पर बढ़ती भीड़ और असामाजिक तत्वों के हुड़दंग को लेकर हाल ही में थानाध्यक्ष को आवेदन सौंपा था। ग्रामीणों ने अपने आवेदन में बताया था कि यह छलका बांध मूल रूप से कृषि कार्यों के लिए बनाया गया था। सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी फैलने के बाद दूर-दराज से बड़ी संख्या में लोग यहाँ पहुंचने लगे थे। ये लोग बाँध में नहाते और हुड़दंग मचाते थे, जिससे बांध के अस्तित्व और आसपास की फसलों को नुकसान हो रहा था। महिलाओं और बच्चियों के साथ छेड़खानी की घटनाओं का भी जिक्र शिकायत में असामाजिक तत्वों द्वारा महिलाओं और बच्चियों के साथ छेड़खानी की घटनाओं का भी जिक्र था। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि 6 अगस्त 2021 को अनुमंडल कार्यालय के आदेश से इस बाँध पर पहले भी प्रतिबंध लगाया गया था, जिसका उल्लंघन हो रहा था। पूर्व में बाँध में डूबने से बच्चों की मौत की घटनाएँ भी हुई थीं। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए, बहादुरगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद, पुलिस ने छलका बांध में आम लोगों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। प्रशासन ने आदेश का उल्लंघन रोकने के लिए बाँध पर सिपाहियों को भी तैनात किया है। बिना अनुमति किसी को भी जाने की इजाजत नहीं होगी थानाध्यक्ष ने जानकारी दी कि कृषि उद्देश्यों के लिए बने इस बांध पर अब बिना अनुमति किसी को भी जाने की इजाजत नहीं होगी। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस कार्रवाई से ग्रामीणों ने संतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि इस कदम से फसलों का नुकसान रुकेगा और गाँव का माहौल शांत रहेगा। यह उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी इस बाँध पर प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन सख्ती के अभाव में भीड़ फिर से जुटने लगी थी। इस बार, पुलिस ने आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए स्थायी रूप से सिपाहियों की तैनाती की है।

