किशनगंज में सरकारी विद्यालयों में समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। ई-शिक्षाकोष पोर्टल की रिपोर्ट के आधार पर देर से विद्यालय पहुंचने वाले 170 से अधिक शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सुबह 6:30 बजे के बाद विद्यालय पहुंचने वाले शिक्षकों से दो दिनों के भीतर लिखित जवाब प्राप्त करें। संतोषजनक जवाब न मिलने पर वेतन कटौती सहित विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। ठाकुरगंज, बहादुरगंज और दिघलबैंक के शिक्षकों के नाम यह सूची 4 मई से 11 मई 2026 तक ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज उपस्थिति लॉग के आधार पर तैयार की गई है। इसमें पोठिया, ठाकुरगंज, बहादुरगंज, दिघलबैंक और कोचाधामन प्रखंड के शिक्षकों के नाम शामिल हैं। शिक्षा विभाग का कहना है कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए शिक्षकों की नियमित उपस्थिति आवश्यक है। इसी उद्देश्य से ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से उपस्थिति की निगरानी की जा रही है। विभागीय कार्रवाई के बीच शिक्षकों ने आपत्तियां दर्ज कराई हालांकि, विभागीय कार्रवाई के बीच शिक्षकों ने भी अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। शिक्षकों का कहना है कि जिन दिनों की रिपोर्ट के आधार पर स्पष्टीकरण मांगा गया है, उन दिनों जिले में लगातार बारिश, खराब सड़कें और कमजोर इंटरनेट नेटवर्क की समस्या थी। विभाग केवल “इन टाइम” को आधार बना रहा कई शिक्षकों ने बताया कि समय पर विद्यालय पहुंचने के बावजूद सर्वर और नेटवर्क की समस्या के कारण पोर्टल पर उनकी उपस्थिति देर से दर्ज हुई। शिक्षकों ने यह भी सवाल उठाया कि विभाग केवल “इन टाइम” को आधार बना रहा है, जबकि विद्यालय समय समाप्त होने के बाद किए जाने वाले अतिरिक्त कार्य और “आउट टाइम” की कभी समीक्षा नहीं होती। ऐसे में केवल डिजिटल लॉगिन के आधार पर कार्रवाई को लेकर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
किशनगंज में 170 से अधिक शिक्षकों से मांगा स्पष्टीकरण:ई-शिक्षाकोष रिपोर्ट पर शिक्षा विभाग सख्त,संतोषजनक जवाब न मिलने पर वेतन कटौती
किशनगंज में सरकारी विद्यालयों में समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। ई-शिक्षाकोष पोर्टल की रिपोर्ट के आधार पर देर से विद्यालय पहुंचने वाले 170 से अधिक शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सुबह 6:30 बजे के बाद विद्यालय पहुंचने वाले शिक्षकों से दो दिनों के भीतर लिखित जवाब प्राप्त करें। संतोषजनक जवाब न मिलने पर वेतन कटौती सहित विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। ठाकुरगंज, बहादुरगंज और दिघलबैंक के शिक्षकों के नाम यह सूची 4 मई से 11 मई 2026 तक ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज उपस्थिति लॉग के आधार पर तैयार की गई है। इसमें पोठिया, ठाकुरगंज, बहादुरगंज, दिघलबैंक और कोचाधामन प्रखंड के शिक्षकों के नाम शामिल हैं। शिक्षा विभाग का कहना है कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए शिक्षकों की नियमित उपस्थिति आवश्यक है। इसी उद्देश्य से ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से उपस्थिति की निगरानी की जा रही है। विभागीय कार्रवाई के बीच शिक्षकों ने आपत्तियां दर्ज कराई हालांकि, विभागीय कार्रवाई के बीच शिक्षकों ने भी अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। शिक्षकों का कहना है कि जिन दिनों की रिपोर्ट के आधार पर स्पष्टीकरण मांगा गया है, उन दिनों जिले में लगातार बारिश, खराब सड़कें और कमजोर इंटरनेट नेटवर्क की समस्या थी। विभाग केवल “इन टाइम” को आधार बना रहा कई शिक्षकों ने बताया कि समय पर विद्यालय पहुंचने के बावजूद सर्वर और नेटवर्क की समस्या के कारण पोर्टल पर उनकी उपस्थिति देर से दर्ज हुई। शिक्षकों ने यह भी सवाल उठाया कि विभाग केवल “इन टाइम” को आधार बना रहा है, जबकि विद्यालय समय समाप्त होने के बाद किए जाने वाले अतिरिक्त कार्य और “आउट टाइम” की कभी समीक्षा नहीं होती। ऐसे में केवल डिजिटल लॉगिन के आधार पर कार्रवाई को लेकर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।


