किशनगंज सदर अस्पताल में सुरक्षा सेवा में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। सांसद मोहम्मद जावेद आजाद ने बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। सांसद ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि सुरक्षा सेवा प्रदान करने वाली एजेंसी ने वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताएं की हैं। इसमें सुरक्षाकर्मियों के वेतन भुगतान, कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) कटौती और वास्तविक तैनात कर्मचारियों की संख्या को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। अस्पताल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल कर्मचारियों के अधिकारों का हनन है, बल्कि सरकारी धन के दुरुपयोग का भी मामला बनता है। सांसद ने अस्पताल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। सांसद ने कहा कि यदि अनियमितताएं लंबे समय से चल रही थीं, तो निगरानी और जांच के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आरोपों की विस्तृत जांच की जाएगी – स्वास्थ्य मंत्री स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि आरोपों की विस्तृत जांच की जाएगी और यदि गड़बड़ी या भ्रष्टाचार पाया जाता है, तो संबंधित एजेंसी और अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस मामले के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े विभागों में हलचल बढ़ गई है। अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
किशनगंज सदर अस्पताल में सुरक्षा सेवा में गड़बड़ी:सांसद ने स्वास्थ्य मंत्री से हाईलेवल इन्वेस्टीगेशन और एक्शन की मांग की
किशनगंज सदर अस्पताल में सुरक्षा सेवा में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। सांसद मोहम्मद जावेद आजाद ने बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। सांसद ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि सुरक्षा सेवा प्रदान करने वाली एजेंसी ने वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताएं की हैं। इसमें सुरक्षाकर्मियों के वेतन भुगतान, कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) कटौती और वास्तविक तैनात कर्मचारियों की संख्या को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। अस्पताल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल कर्मचारियों के अधिकारों का हनन है, बल्कि सरकारी धन के दुरुपयोग का भी मामला बनता है। सांसद ने अस्पताल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। सांसद ने कहा कि यदि अनियमितताएं लंबे समय से चल रही थीं, तो निगरानी और जांच के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आरोपों की विस्तृत जांच की जाएगी – स्वास्थ्य मंत्री स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि आरोपों की विस्तृत जांच की जाएगी और यदि गड़बड़ी या भ्रष्टाचार पाया जाता है, तो संबंधित एजेंसी और अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस मामले के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े विभागों में हलचल बढ़ गई है। अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


