Sunday, July 12, 2026

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किशनगंज से इलाज के लिए 2 बच्चे पटना रवाना:हृदय रोग-कटे होंठ का होगा ट्रीटमेंट, RBSK से 34 बच्चों का सफल हृदय ऑपरेशन


किशनगंज से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत दो बच्चों को बेहतर इलाज के लिए पटना भेजा गया है। इनमें जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित अल्फाज हुसैन और कटे होंठ एवं तालु की समस्या से जूझ रही अनीशा कुमारी शामिल हैं। दोनों बच्चों को सदर अस्पताल किशनगंज से आईजीआईएमएस पटना के लिए रवाना किया गया। किशनगंज जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग जन्मजात बीमारियों से ग्रस्त बच्चों को नया जीवन देने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। बाल हृदय रोग जैसी गंभीर समस्याओं के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष रणनीति अपनाई गई है। आरबीएसके टीमें स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और समुदाय स्तर पर नियमित स्क्रीनिंग कर रही हैं ताकि बीमारियों की पहचान प्रारंभिक अवस्था में हो सके। 34 बच्चों के हार्ट का हो चुका ऑपरेशन इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अब तक जिले के 34 बच्चों का सफल हृदय ऑपरेशन कराया जा चुका है। यह उपलब्धि चिकित्सा व्यवस्था की मजबूती और जरूरतमंद परिवारों के लिए आशा की किरण है। कटे होंठ और तालु जैसी जन्मजात समस्याएँ बच्चों के खान-पान, बोलने और सामाजिक विकास में बाधा डालती हैं। आरबीएसके के माध्यम से ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ संस्थानों में निशुल्क सर्जरी और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे सामान्य जीवन जी सकें। सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि जन्मजात हृदय रोग और अन्य विकृतियों में समय पर जांच और इलाज अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों में दिखने वाले किसी भी असामान्य लक्षण को नजर अंदाज न करें। डॉ. चौधरी ने बताया कि आरबीएसके के तहत जांच, रेफरल और इलाज पूरी तरह निशुल्क है, और विभाग का प्रयास है कि जिले का कोई भी बच्चा इलाज से वंचित न रहे। लोगों से योजनाओं का लाभ उठाने की अपील जिला पदाधिकारी विशाल राज ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य जिले की प्राथमिकता है। सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ उठाएं और नियमित स्वास्थ्य जांच को गंभीरता से लें। जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि हर जरूरतमंद बच्चे को समय पर बेहतर इलाज मिल सके। अल्फाज हुसैन और अनीशा कुमारी को पटना रेफर किया जाना इस बात का प्रमाण है कि जिला बाल स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आरबीएसके के माध्यम से यह प्रयास निरंतर जारी है ताकि हर बच्चे को स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य मिल सके।

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