खगड़िया लोकसभा के माननीय सांसद राजेश वर्मा ने क्षेत्र के किसानों की समस्याओं को लोकसभा में उठाया। उन्होंने 20 मार्च को आए आंधी-तूफान, बारिश और ओलावृष्टि से मक्का तथा गेहूं की फसलों को हुए नुकसान के लिए उचित मुआवजे की मांग की। सांसद ने सदन को बताया कि 20 मार्च को हुई प्राकृतिक आपदा के कारण खगड़िया क्षेत्र में किसानों की फसलों को भारी क्षति पहुंची है। इस व्यापक नुकसान से अन्नदाताओं के समक्ष गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। राजेश वर्मा ने सरकार का ध्यान खगड़िया लोकसभा की ओर आकर्षित करते हुए कहा कि यहां की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है। उन्होंने कृषि मंत्री से मांग की कि खगड़िया, अलौली, परबत्ता, बेलदौर, सिमरी बख्तियारपुर और हसनपुर के प्रभावित किसानों को फसल बीमा योजना और राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (NDRF) के तहत मुआवजा दिया जाए। मक्का और गेहूं का उत्पादन करते हैं किसान उल्लेखनीय है कि खगड़िया के किसान मुख्य रूप से कृषि पर ही निर्भर हैं और बड़ी मात्रा में मक्का तथा गेहूं का उत्पादन करते हैं। उनकी आजीविका इन्हीं फसलों पर टिकी है। भारी बारिश और आंधी-तूफान से हुए इस नुकसान ने उनकी आर्थिक स्थिति को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसके अतिरिक्त, हर साल कोसी, गंगा, कमला सहित सहायक नदियों में आने वाली बाढ़ से भी लाखों किसान प्रभावित होते हैं। सांसद राजेश वर्मा ने एक बार फिर किसानों की आवाज बनकर उनकी मांगों को मजबूती से लोकसभा के पटल पर रखा है और सरकार से प्रभावित किसानों के लिए उचित मुआवजे की मांग दोहराई है।
किसानों को फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा मिले-MP:खगड़िया के किसानों की पीड़ा लोकसभा में गूंजी, बोले-कृषि पर निर्भरता
खगड़िया लोकसभा के माननीय सांसद राजेश वर्मा ने क्षेत्र के किसानों की समस्याओं को लोकसभा में उठाया। उन्होंने 20 मार्च को आए आंधी-तूफान, बारिश और ओलावृष्टि से मक्का तथा गेहूं की फसलों को हुए नुकसान के लिए उचित मुआवजे की मांग की। सांसद ने सदन को बताया कि 20 मार्च को हुई प्राकृतिक आपदा के कारण खगड़िया क्षेत्र में किसानों की फसलों को भारी क्षति पहुंची है। इस व्यापक नुकसान से अन्नदाताओं के समक्ष गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। राजेश वर्मा ने सरकार का ध्यान खगड़िया लोकसभा की ओर आकर्षित करते हुए कहा कि यहां की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है। उन्होंने कृषि मंत्री से मांग की कि खगड़िया, अलौली, परबत्ता, बेलदौर, सिमरी बख्तियारपुर और हसनपुर के प्रभावित किसानों को फसल बीमा योजना और राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (NDRF) के तहत मुआवजा दिया जाए। मक्का और गेहूं का उत्पादन करते हैं किसान उल्लेखनीय है कि खगड़िया के किसान मुख्य रूप से कृषि पर ही निर्भर हैं और बड़ी मात्रा में मक्का तथा गेहूं का उत्पादन करते हैं। उनकी आजीविका इन्हीं फसलों पर टिकी है। भारी बारिश और आंधी-तूफान से हुए इस नुकसान ने उनकी आर्थिक स्थिति को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसके अतिरिक्त, हर साल कोसी, गंगा, कमला सहित सहायक नदियों में आने वाली बाढ़ से भी लाखों किसान प्रभावित होते हैं। सांसद राजेश वर्मा ने एक बार फिर किसानों की आवाज बनकर उनकी मांगों को मजबूती से लोकसभा के पटल पर रखा है और सरकार से प्रभावित किसानों के लिए उचित मुआवजे की मांग दोहराई है।


