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भास्कर न्यूज|लोहरदगा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में खरीफ मौसम की मुख्य फसल धान की कटाई शुरू हो गई है। खेतों में धान की फसल पककर तैयार हो गई है। किसान परिवार कटाई में जुट गए हैं। वे फसल को घर तक पहुंचाने में भी लगे हैं। 46 हजार हेक्टेयर भूमि का लक्ष्य था। इसके विपरीत 44 हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती हुई। इस वर्ष धान की अच्छी पैदावार हुई है। इससे किसानों के चेहरे पर खुशी दिखाई दे रही है। खेतों में लहलहाती धान की बालियों को देखकर किसानों को अपनी मेहनत सफल होने की उम्मीद जगी है। कई गांवों में किसान सुबह से ही खेतों में पहुंच रहे हैं। वे धान काटने का काम कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कटाई का मौसम शुरू हो गया है। कृषि कार्यों में तेजी आ गई है। जिले के भंडरा, कुडू, सेन्हा, किस्को, लोहरदगा सदर सहित विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में किसान अपनी सुविधा के अनुसार कटाई कर रहे हैं। जिन खेतों में धान की फसल पूरी तरह पक चुकी है, वहां कटाई शुरू कर दी गई है। किसान परिवार के सदस्य मिलकर धान काट रहे हैं। वे इसे बांध रहे हैं। वे खेतों से खलिहान तक पहुंचा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कटाई का यह समय किसानों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। विभाग के अनुसार प्रति एकड़ लगभग 10 टन धान का उत्पादन बताया गया है। किसान चाहते हैं कि कटाई के दौरान मौसम साफ रहे। इससे धान को समय पर सुखाकर सुरक्षित रखा जा सकेगा। इस साल धान की फसल अच्छी हुई है। अच्छी फसल देखकर मन खुश है। उम्मीद है कि इस बार धान बेचने पर उचित कीमत मिलेगी। इससे खेती में लगाया गया पैसा निकल सकेगा। किसानों का कहना है कि अच्छी पैदावार के बाद अब उनकी नजर धान की बिक्री पर है। उनकी नजर सरकारी खरीद व्यवस्था पर भी है। किसानों को उम्मीद है कि धान खरीद की प्रक्रिया समय पर शुरू होगी। उन्हें अपनी उपज बेचने में परेशानी नहीं होगी। उचित मूल्य मिलने से अगली फसल की तैयारी में भी सहायता मिलेगी। अब किसान सुरक्षित कटाई, उचित भंडारण और बेहतर कीमत मिलने की आस लगाए हुए हैं। इस वर्ष अच्छी पैदावार से किसानों में विशेष उत्साह है। किसानों का कहना है कि मौसम अनुकूल रहा। खेती का काम समय पर पूरा हुआ। इसलिए धान की फसल अच्छी हुई है। किसानों का कहना है कि धान की उचित कीमत मिल जाए तो आमदनी में सुधार होगा।
किसानों ने कहा- धान की उचित कीमत मिल जाए तो आमदनी में सुधार होगा
