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भास्कर न्यूज | गिरिडीह गिरिडीह जिले में पीएम पोषण योजना का संचालन इन दिनों आर्थिक संकट से गुजर रहा है। स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन के लिए कुकिंग कोस्ट की राशि अप्रैल 2026 से अब तक नहीं मिल सकी है। करीब 11 करोड़ रुपये की राशि बकाया होने के कारण जिले के सरकारी स्कूलों में भोजन तैयार करने की व्यवस्था पर दबाव बढ़ता जा रहा है। यदि सितंबर में भी राशि का भुगतान नहीं हुआ तो अक्टूबर से स्कूलों में एमडीएम के संचालन में परेशानी बढ़ सकती है। जिले के 3122 सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक पढ़ने वाले करीब 3 लाख 19 हजार बच्चों को पीएम पोषण योजना के तहत प्रतिदिन दोपहर का भोजन दिया जाता है। भोजन तैयार करने के लिए कुकिंग कोस्ट की राशि से दाल, तेल, मसाला, सब्जी, रसोई गैस समेत अन्य जरूरी सामग्री की खरीद की जाती है। छह महीने से राशि नहीं मिलने के कारण स्कूलों के सामने सामग्री खरीदना मुश्किल होता जा रहा है।पीएम पोषण योजना का संचालन केंद्र और राज्य सरकार के अंशदान से होता है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत केंद्र और राज्य से राशि मिलने के बाद जिला स्तर पर स्कूलों के खातों में राशि भेजी जाती है। लेकिन कुकिंग कोस्ट की राशि अब तक नहीं मिलने के कारण विद्यालयों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। अंडा-फल की राशि से चल रहा काम अगस्त माह में अंडा और फल मद में जिले के स्कूलों के लिए करीब 6 करोड़ रुपये की राशि भेजी गई थी। फिलहाल इसी राशि के सहारे कई स्कूलों में एमडीएम का संचालन किसी तरह किया जा रहा है। हालांकि यह राशि केवल अंडा और फल के लिए निर्धारित है। ऐसे में यदि इसका इस्तेमाल कुकिंग कोस्ट की जरूरत पूरी करने में किया जाता है तो योजना के निर्धारित मेन्यू को लागू करने में परेशानी हो सकती है। कुकिंग कॉस्ट की राशि आते ही भेजी जाएगी : डीएसई डीएसई आशीष कुमार हेम्ब्रम ने बताया कि कुकिंग कॉस्ट की राशि आने की उम्मीद है, आते ही स्कूलों को भेजा जाएगा। लेकिन अब आने वाले 1 अक्तूबर से नए तरीके से कुकिंग कोस्ट की राशि का भुगतान होगा। ऐसे में अगर जिन विद्यालयों की राशि बकाया है। उनका भी भुगतान नए तकनीके के जरीए किया जाएगा।
कुकिंग कॉस्ट की राशि नहीं मिलने से पीएम पोषण योजना पर संकट
