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सहरसा के मंडन भारती कृषि कॉलेज में एक मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने करंट लगाकर हत्या किए जाने का आशंका जताई है। मृतक की पहचान सदर थाना क्षेत्र के औकाही पंचायत के सिसई गांव, वार्ड नंबर 13 निवासी मिथिलेश पासवान(37) के रूप में हुई है। मिथिलेश साल 2007 से मंडन भारती कृषि अनुसंधान संस्थान में मजदूर के रूप में कार्यरत थे। उनके तीन छोटे बेटे हैं, जिनकी उम्र 6, 3 और 2 साल है। गुरुवार रात करीब 10 बजे मिथिलेश की पत्नी बबीता देवी उन्हें खाना देने कृषि कॉलेज के आम-अमरूद बागान में पहुंचीं। वहां उन्होंने अपने पति को मृत अवस्था में पाया, जिसके बाद उन्होंने शोर मचाया और लोगों को इकट्ठा किया। रात 11 बजे सहरसा सदर थाना पुलिस को सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। एक दिन पहले बकरी को लेकर हुआ था विवाद परिजनों ने मिथिलेश की मौत को हत्या बताया है और आरोप लगाया है कि उन्हें करंट लगाकर मारा गया है। उनके अनुसार, बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे गांव के ही वार्ड नंबर 12 निवासी वीरेन यादव और बदो यादव से खेत में बकरी चले जाने को लेकर मिथिलेश का विवाद हुआ था। जिसमें विपक्षों द्वारा बकरी को बंधक बना लिया गया। इस विवाद के बाद मारपीट भी हुई थी, जिसकी शिकायत मिथिलेश ने सहरसा के एससी-एसटी थाने में किया। हालांकि, गुरुवार शाम को एक पंचायत बिठाकर सामाजिक स्तर पर मामले को सुलझा लिया गया और थाने से आवेदन भी वापस ले लिया गया था। घटनास्थल की तस्वीरें…. आम-अमरूद बागान में ड्यूटी के दौरान मौत मिथिलेश ने गुरुवार को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक कृषि कॉलेज के फार्म पर दिन की मजदूरी की थी। इसके बाद, उनकी ड्यूटी शाम 6 बजे से कृषि कॉलेज के आम-अमरूद बागान में लगाई गई थी, जहां उनकी मौत हुई। सहरसा सदर थाना अध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने कहा कि एक मजदूर की मौत हुई है। परिवार वालों द्वारा हत्या की अंदेशा जताया गया है। मामले का कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा, फिलहाल जांच चल रही है।

