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धनबाद के केंदुआडीह क्षेत्र में बढ़ते भू-धंसान, गैस रिसाव और आग की घटनाओं के मद्देनजर निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने शुक्रवार को प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने विधायक के सामने अपने डर, नुकसान और रोजमर्रा की परेशानियों को साझा किया। विधायक चटर्जी ने इस दौरान बीसीसीएल (भारत कोकिंग कोल लिमिटेड) पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कंपनी की नीतियां आम लोगों के हित में नहीं हैं, बल्कि लोगों को उनके घरों से विस्थापित करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में बढ़ती आग और भू-धंसान की समस्या के लिए खनन गतिविधियां जिम्मेदार हैं, जिसका खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है। विधायक ने बेलगढ़िया पुनर्वास योजना पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि वहां बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है और छोटे कमरों में परिवारों का गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुनर्वास के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन इसका लाभ जमीनी स्तर पर लोगों तक नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच की मांग की। अरूप चटर्जी ने यह भी कहा कि विस्थापित लोगों के सामने रोजगार और आजीविका की सबसे बड़ी समस्या है। पुनर्वास के बाद लोग अपने पारंपरिक काम-धंधे से कट जाते हैं, जिससे उनके जीवन यापन का संकट गहरा जाता है। केंदुआडीह अब एक उच्च जोखिम वाला क्षेत्र बन चुका है इस बीच, जिला प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन भी स्थिति को लेकर सतर्क हैं। उपायुक्त, एसएसपी और कंपनी के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से क्षेत्र का निरीक्षण किया और हालात को गंभीर बताया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केंदुआडीह अब एक उच्च जोखिम वाला क्षेत्र बन चुका है और यहां रहना खतरनाक हो सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों, विशेषकर बेलगढ़िया, में स्थानांतरित हो जाएं। केंदुआडीह में स्थिति गंभीर बनी हुई है, जहां लोग अपने घर और रोजगार को लेकर चिंतित हैं, वहीं प्रशासन उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का प्रयास कर रहा है।


