विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भभुआ नगर परिषद ने राजेंद्र सरोवर परिसर में एक पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी संजय उपाध्याय और चेयरमैन प्रतिनिधि शैलेन्द्र कुमार ने सरोवर के कायाकल्प और शहर की स्वच्छता पर महत्वपूर्ण जानकारी दी, साथ ही पौधारोपण भी किया। 150 पौधे लगाने का लक्ष्य कार्यपालक पदाधिकारी संजय उपाध्याय ने बताया कि लंबे समय से पानी की कमी से जूझ रहे राजेंद्र सरोवर को नगर परिषद के प्रयासों से पुनर्जीवित कर दिया गया है। सरोवर में अब पर्याप्त पानी है और इसके चारों ओर हरियाली बढ़ाने के लिए लगभग 150 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इन पौधों की सुरक्षा के लिए परिसर में एक समर्पित टीम तैनात की गई है। इसके अतिरिक्त, शहर को कचरा मुक्त बनाने और ‘वेस्ट टू आर्ट’ (कचरे से कला) की थीम को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष संरचना का निर्माण किया गया है, जिसे पर्यावरण दिवस पर नगर को समर्पित किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी बरसात में बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए कचरा प्रबंधन और बेहतर पर्यावरण पर वार्ड पार्षदों के साथ बैठक कर चर्चा की जाएगी। चेयरमैन प्रतिनिधि शैलेन्द्र कुमार ने जानकारी दी कि यह सरोवर पिछले 5-6 वर्षों से पूरी तरह सूखा हुआ था। नगर परिषद ने आम जनता के सहयोग से एक ‘देशी तकनीक’ (गोबर और जुताई के मिश्रण) का उपयोग कर पानी के रिसाव को रोका, जिससे अब तालाब पानी से भरा हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूर्व में देखरेख के अभाव में जर्जर हुए इस सरोवर को अब एक आदर्श पर्यटन और स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ लोग सुबह-शाम टहलने और शुद्ध हवा का आनंद लेने आ सकेंगे।
कैमूर में पौधारोपण से पर्यावरण संरक्षण की पहल:नगर परिषद ने 'वेस्ट टू आर्ट' थीम को बढ़ावा दिया,भभुआ राजेंद्र सरोवर पुनर्जीवित
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भभुआ नगर परिषद ने राजेंद्र सरोवर परिसर में एक पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी संजय उपाध्याय और चेयरमैन प्रतिनिधि शैलेन्द्र कुमार ने सरोवर के कायाकल्प और शहर की स्वच्छता पर महत्वपूर्ण जानकारी दी, साथ ही पौधारोपण भी किया। 150 पौधे लगाने का लक्ष्य कार्यपालक पदाधिकारी संजय उपाध्याय ने बताया कि लंबे समय से पानी की कमी से जूझ रहे राजेंद्र सरोवर को नगर परिषद के प्रयासों से पुनर्जीवित कर दिया गया है। सरोवर में अब पर्याप्त पानी है और इसके चारों ओर हरियाली बढ़ाने के लिए लगभग 150 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इन पौधों की सुरक्षा के लिए परिसर में एक समर्पित टीम तैनात की गई है। इसके अतिरिक्त, शहर को कचरा मुक्त बनाने और ‘वेस्ट टू आर्ट’ (कचरे से कला) की थीम को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष संरचना का निर्माण किया गया है, जिसे पर्यावरण दिवस पर नगर को समर्पित किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी बरसात में बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए कचरा प्रबंधन और बेहतर पर्यावरण पर वार्ड पार्षदों के साथ बैठक कर चर्चा की जाएगी। चेयरमैन प्रतिनिधि शैलेन्द्र कुमार ने जानकारी दी कि यह सरोवर पिछले 5-6 वर्षों से पूरी तरह सूखा हुआ था। नगर परिषद ने आम जनता के सहयोग से एक ‘देशी तकनीक’ (गोबर और जुताई के मिश्रण) का उपयोग कर पानी के रिसाव को रोका, जिससे अब तालाब पानी से भरा हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूर्व में देखरेख के अभाव में जर्जर हुए इस सरोवर को अब एक आदर्श पर्यटन और स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ लोग सुबह-शाम टहलने और शुद्ध हवा का आनंद लेने आ सकेंगे।


