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कैमूर में ग्रामीण कार्य विभाग के तहत ददरा कैनाल रोड के निर्माण में अनियमितताओं का मामला सामने आया है। लगभग 2.5 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर 91 लाख रुपये की लागत से पॉट पिचिंग (मरम्मत और कालीकरण) का कार्य किया जा रहा है। आरोप है कि संवेदक और विभाग की मिलीभगत से सरकारी राशि का दुरुपयोग हो रहा है। हाल ही में हुई बारिश के कारण सड़क पर कई जगहों पर जलजमाव और कीचड़ है। इसके बावजूद, बिना किसी साफ-सफाई या पानी सुखाने की प्रक्रिया के, पानी से भरे गड्ढों के ऊपर ही अलकतरा और गिट्टी बिछाया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने इस घटिया गुणवत्ता वाले कार्य का कड़ा विरोध किया है। ददरा गांव के निवासी अभय शंकर तिवारी और शिवा कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि यह उनके गांव की मुख्य सड़क है। उन्होंने आशंका जताई कि बारिश के पानी और कीचड़ के बीच हो रहा यह पिचिंग कार्य कुछ ही दिनों में टूट जाएगा। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर न तो कोई संवेदक मौजूद है और न ही विभाग का कोई तकनीकी स्टाफ, जिससे काम मनमाने ढंग से चल रहा है। इस मामले पर ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता सुमन कुमार ने अपनी लाचारी स्वीकार की। उन्होंने बताया कि उन्हें सूचना मिली है कि सासाराम से कालीकरण का माल आया था और संवेदक ने विभाग को सूचित किए बिना ही जलजमाव के बीच पिचिंग का कार्य शुरू कर दिया। अभियंता ने स्वीकार किया कि पानी के बीच ऐसा कार्य बिल्कुल नहीं होना चाहिए था। कार्यपालक अभियंता ने संबंधित कनीय अभियंता (जेई) को तुरंत मौके पर जाकर जांच करने और खराब कार्य को उखाड़कर नए सिरे से इमल्शन देकर सड़क को दुरुस्त करने का निर्देश दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दो-तीन दिनों के भीतर सड़क को सही ढंग से नहीं सुधारा गया, तो संवेदक को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।

