कोडरमा थाना क्षेत्र के पाण्डेयडीह स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में शनिवार को एक 10 वर्षीय छात्र की विद्यालय के पीछे खेत में बने गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। मृतक छात्र की पहचान पाण्डेयडीह निवासी विकास साव के पुत्र विनय कुमार उर्फ सागर कुमार के रूप में हुई है, जो कक्षा 4 का छात्र था। मिली जानकारी के अनुसार, सागर रोज की तरह शनिवार सुबह गांव स्थित उत्क्रमित विद्यालय पढ़ने गया था। दोपहर के भोजन (मिड डे मील) के बाद वह अचानक स्कूल से गायब हो गया। इसके बाद उसके मित्रों और विद्यालय के शिक्षकों ने उसकी काफी खोजबीन की। परिजन और ग्रामीण बच्चे की खोज में जुट गए काफी देर तक जब विनय का कुछ पता नहीं चला, तो विद्यालय की ओर से उसके परिजनों को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद परिजन और ग्रामीण बच्चे की खोज में जुट गए। आसपास के तालाबों, कुओं और अन्य जगहों पर विनय की तलाश की गई। इसी दौरान, विद्यालय के पीछे खेती के लिए खोदे गए एक गड्ढे में पानी के बीच सागर का शव उपलाता मिला। ग्रामीणों और परिजनों ने तुरंत बच्चे को बाहर निकाला और घटना की सूचना पुलिस को दी। घटना के बाद परिजनों ने विद्यालय प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का आरोप है कि विद्यालय के शिक्षकों की लापरवाही के कारण बच्चे की जान गई है। बच्चे के पिता ने कहा कि यदि शिक्षक बच्चों पर ध्यान देते, तो यह घटना नहीं होती।
कोडरमा में स्कूल से गायब छात्र का शव मिला:मिड डे मील के बाद लापता हुआ था, परिजनों ने शिक्षकों पर लापरवाही का आरोप लगाया
कोडरमा थाना क्षेत्र के पाण्डेयडीह स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में शनिवार को एक 10 वर्षीय छात्र की विद्यालय के पीछे खेत में बने गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। मृतक छात्र की पहचान पाण्डेयडीह निवासी विकास साव के पुत्र विनय कुमार उर्फ सागर कुमार के रूप में हुई है, जो कक्षा 4 का छात्र था। मिली जानकारी के अनुसार, सागर रोज की तरह शनिवार सुबह गांव स्थित उत्क्रमित विद्यालय पढ़ने गया था। दोपहर के भोजन (मिड डे मील) के बाद वह अचानक स्कूल से गायब हो गया। इसके बाद उसके मित्रों और विद्यालय के शिक्षकों ने उसकी काफी खोजबीन की। परिजन और ग्रामीण बच्चे की खोज में जुट गए काफी देर तक जब विनय का कुछ पता नहीं चला, तो विद्यालय की ओर से उसके परिजनों को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद परिजन और ग्रामीण बच्चे की खोज में जुट गए। आसपास के तालाबों, कुओं और अन्य जगहों पर विनय की तलाश की गई। इसी दौरान, विद्यालय के पीछे खेती के लिए खोदे गए एक गड्ढे में पानी के बीच सागर का शव उपलाता मिला। ग्रामीणों और परिजनों ने तुरंत बच्चे को बाहर निकाला और घटना की सूचना पुलिस को दी। घटना के बाद परिजनों ने विद्यालय प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का आरोप है कि विद्यालय के शिक्षकों की लापरवाही के कारण बच्चे की जान गई है। बच्चे के पिता ने कहा कि यदि शिक्षक बच्चों पर ध्यान देते, तो यह घटना नहीं होती।


