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कोलकाता में कोल इंडिया प्रबंधन व सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के बीच 8 घंटे तक चली जिच के बाद हुआ फैसला कोयला कर्मियों को दुर्गा पूजा के अवसर पर 1 लाख 10 हजार 250 रुपए बोनस मिलेगा। परफॉर्मेंस लिंक्ड रिवॉर्ड (पीएलआर) के तहत दी जाने वाली राशि तय करने के लिए कोल इंडिया मुख्यालय, कोलकाता में आयोजित एपेक्स जेसीसी की बैठक में आठ घंटे तक सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ कोल इंडिया अधिकारियों की जिच चली। रात 8 बजे बोनस की राशि पर दोनों पक्षों की सहमति बनी। यह भी तय हुआ कि बोनस की राशि 15 अक्टूबर तक कोयला कर्मियों के बैंक खाते में चली जाएगी। पिछले साल की अपेक्षा इस बार 7 हजार 250 रुपए अधिक बोनस मिलेगा। पिछले साल 1 लाख 3 हजार रुपए बोनस मिला था। चार ट्रेड यूनियनों के 5 प्रतिनिधियों और कोल इंडिया प्रबंधन ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए। इस फैसले से बीसीसीएल के 30 व सीसीएल के 32 हजार समेत कोल इंडिया की अन्य सभी अनुषंगी कंपनियों के लगभग दो लाख कर्मियों को आर्थिक लाभ होगा। वहीं, कोयले से जुड़े ठेकाकर्मियों को उनके वेतन का 8.33% हिस्सा बोनस के तौर पर मिलेगा। बोनस मद में कोल इंडिया को 350 करोड़ रुपए से अधिक का भार उठाना होगा। कोल इंडिया प्रबंधन दे रहा था 1.08 लाख रुपए, यूनियनें मांग रही थीं ₹1.20 लाख कोल इंडिया के दो लाख कर्मचारियों को लाभ, ठेका श्रमिकों को वेतन का 8.33% बोनस कब कितना मिला और बढ़ा बोनस
बोनस को लेकर कोल इंडिया प्रबंधन ने पिछले साल की राशि 1.03 लाख देने का प्रस्ताव रखा। इसके जवाब में यूनियन प्रतिनिधियों ने 1.20 लाख की मांग रखी। प्रबंधन 3 हजार की बढ़ोतरी का प्रस्ताव देते हुए 1.06 लाख पर अडिग हो गया। दोनों ओर से पांच से अधिक दौर की हुई बार्गेनिंग के बाद अंततः 1,10,250 रुपए पर बात बनी। बैठक के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। प्रॉफ़िट और प्रोडक्शन कम होने का दिया था हवाला बैठक में प्रबंधन ने प्रॉफ़िट एवं प्रोडक्शन कम होने का हवाला देते हुए बढ़ोतरी करने में असमर्थता जताई। जवाब में यूनियन प्रतिनिधियों ने वर्कर्स की संख्या में 8 हजार से अधिक कमी आने से कंपनी को लाभ होने का हवाला दिया। फिर भी प्रबंधन अपनी जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए बढ़ोतरी करने में असमर्थता जताता रहा। कई दौर की बातचीत के बाद प्रबंधन राजी हुआ। बैठक में ये रहे उपस्थित प्रबंधन की ओर से कोल इंडिया चेयरमैन बी. साईराम, निदेशक (मार्केटिंग) मुकेश चौधरी, निदेशक (वित्त) मुकेश अग्रवाल, बीसीसीएल सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल एवं जीएम (एचआर) दुर्गा प्रसाद सामल तथा सेंट्रल ट्रेड यूनियनों की ओर से बीएमएस के के. लक्ष्मा रेड्डी, एचएमएस के हरभजन सिंह सिद्धू, सीटू के डीडी रामानंदन एवं एटक के लखन लाल महतो शामिल थे। हस्ताक्षर के बाद सहमति पत्र जारी किया गया। यूनियन प्रतिनिधि बोले… हमारी एकता पर प्रबंधन माना प्रॉफ़िट और प्रोडक्शन कम होने का हवाला देकर प्रबंधन राशि बढ़ाना नहीं चाहता था। हालांकि यूनियनों की एकता के आगे प्रबंधन मानने को तैयार हुआ। — के. लक्ष्मा रेड्डी, बीएमएस खर्च कम… ज्यादा बोनस मांगा कर्मियों की संख्या में कमी आई है। वेतन समेत अन्य मद में कंपनी का खर्चा कम हुआ है। इस कारण अधिक बोनस पर प्रबंधन पर दबाव बनाया गया। — हरभजन सिंह सिद्धू, एचएमएस बोनस पर सम्मानजनक सुलह प्रबंधन के साथ सम्मानजनक समझौता हुआ है। प्रबंधन 1.03 लाख से अधिक देने को तैयार नहीं था, पर यूनियनों की जिद के आगे झुकना पड़ा। — लखन लाल महतो, एटक
कोयला जगत बूम-बूम:कोलकर्मियों को 1.10 लाख रुपए का बोनस, 15 से पहले खाते में आएंगे; 2 लाख कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
