
Kolkata Stampede: उत्तर कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के बाद घायल हुए 25 लोगों में से 14 का इलाज शहर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में चल रहा है. इनमें से 3 को गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में भर्ती कराया गया है. एक की हालत गंभीर है. अन्य 2 की स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं. तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष ने घायलों को सरकारी अस्पताल से प्राइवेट हॉस्पिटल में ट्रांसफर करने पर सवाल उठाये हैं.
एक मरीज की हालत गंभीर, एसिडोसिस से बढ़ी चिंता
पश्चिम बंगाल नैदानिक प्रतिष्ठान नियामक आयोग के अध्यक्ष विश्वजीत बसु ने बताया कि ICU में भर्ती 3 घायलों में से एक की हालत एसिडोसिस के कारण गंभीर है. एसिडोसिस ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर में अम्ल की मात्रा बढ़ जाती है. चिकित्सकों के अनुसार, भीड़ में लंबे समय तक दबे रहने से मांसपेशियों को चोट पहुंचने के कारण यह स्थिति पैदा हो सकती है.
2 मरीजों को सामान्य वार्ड में भेजने की उम्मीद
विश्वजीत बसु ने चिकित्सकों और आयोग के अन्य सदस्यों के साथ अस्पताल का दौरा कर घायलों की स्थिति और उनके उपचार की समीक्षा की. उनके मुताबिक, इलाज से जुड़े पहलुओं की समीक्षा के बाद आयोग संतुष्ट है कि मरीजों का उपचार सही तरीके से किया जा रहा है. आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि ICU में भर्ती अन्य 2 मरीजों की हालत में सुधार के संकेत मिल रहे हैं. चिकित्सकों को उम्मीद है कि उन्हें सामान्य वार्ड में स्थानांतरित किया जा सकेगा.
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सामान्य वार्ड में भर्ती 11 लोगों की हालत स्थिर
आयोग के एक सदस्य के मुताबिक, निजी अस्पताल के सामान्य वार्ड में भर्ती अन्य 11 मरीजों की हालत भी लगभग स्थिर है. एक चिकित्सक ने बताया कि घायलों में से एक के पेल्विस की हड्डियों के ढांचे में चोट आयी है. अन्य घायलों की चोटों की भी जांच की जा रही है. आगे के उपचार के संबंध में हड्डी रोग विशेषज्ञ फैसला करेंगे.
घायलों के जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद
चिकित्सक के अनुसार, घायल अपेक्षाकृत कम उम्र के हैं और उनमें से अधिकतर को पहले से कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या नहीं है. इससे उनके जल्द स्वस्थ होने में मदद मिलने की उम्मीद है.
आयोग ने अस्पताल में उपचार की समीक्षा की
विश्वजीत बसु ने कहा कि वह अस्पताल में किसी सर्जन के रूप में नहीं, अपनी आधिकारिक जिम्मेदारी के तहत पहुंचे थे. उन्होंने भरोसा जताया कि अस्पताल की ट्रॉमा टीम घायलों का उचित उपचार करने में सक्षम है.
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भगदड़ में 19 लोगों की मौत, सुरक्षा की समीक्षा करेगी समिति
शनिवार शाम बारिश के बीच अचानक भीड़ बढ़ने के कारण चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मच गयी थी. इस हादसे में 19 लोगों की मौत हो गयी और 25 अन्य घायल हो गये थे. घटना के बाद राज्य सरकार ने एक समिति गठित की है. यह समिति सभी प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा संबंधी नियमों और व्यवस्थाओं की समीक्षा करेगी.
कुणाल घोष ने सरकार पर उठाये सवाल
ममता तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता और विधायक कुणाल घोष ने रविवार को आरोप लगाया कि कोलकाता के प्रसिद्ध दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में घायल हुए लोगों को कोलकाता मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में इलाज शुरू होने के बाद एक निजी अस्पताल में भेज दिया गया.
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मेडिकल कॉलेज कोई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं : घोष
कुणाल घोष ने कहा कि मेडिकल कॉलेज कोई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं है. यह एक बड़ा अस्पताल है. जूनियर डॉक्टर्स ने इलाज शुरू कर दिया था.य फिर इलाज के बीच में ही घायलों को दूसरे अस्पतालों में क्यों स्थानांतरित किया गया? क्या यह जानकारी दबाने की कोशिश है?
‘अमित शाह को प्रभावित करने के लिए घायलों को भेजा प्राइवेट अस्पताल’
घोष ने कहा कि घायलों को प्राइवेट हॉस्पिटल में इसलिए भेज दिया गया, ताकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जब अस्पताल का दौरा करें, तो उन्हें लगे कि सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है. इन आरोपों पर स्वास्थ्य विभाग या अस्पताल अधिकारियों की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है.
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