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धनबाद के पुटकी थाना क्षेत्र के मुनीडीह ओपी अंतर्गत कैप्टिव पावर प्लांट (सीपीपी) में क्लोरीन गैस रिसाव से मरने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। सोमवार को 35 वर्षीय वसीम अंसारी का शव प्लांट की बाउंड्री से लगभग 20 मीटर दूर पूर्वी छोर स्थित जंगल से बरामद किया गया। वसीम केंदुआडीह राजपूत बस्ती का निवासी था। लोहा चोरी के इरादे से प्लांट में घुसे थे युवक यह हादसा शनिवार रात को हुआ था, जब लगभग 15 युवक बंद पड़े प्लांट में लोहा चोरी करने के इरादे से प्लांट में घुसे थे। चोरों ने क्लोरीन गैस से भरी एक लोहे की टंकी को गैस कटर से काटना शुरू किया, जिससे तेजी से गैस का रिसाव होने लगा। गैस रिसाव इतना तीव्र था कि मौके पर अफरातफरी मच गई और कई युवक बेहोश होकर गिर पड़े। उसी रात संजय यादव (केंदुआ), आनंद ताम्रकार उर्फ भोंदा (केंदुआ) और अजहरुद्दीन (लोयाबाद) के शव बरामद किए गए थे। वहीं, सीसीपी से 5 सौ मीटर दूर कपाल घाट पर स्थित पंप हाउस पर रात्रि पाली में तैनात सीआईएसएफ के जवान दर्शन सिंह, विपिन कुमार, ज्ञान सिंह, बीसीसीएलकर्मी पूना बाउरी और आउटसोर्स कर्मी दुनिया लाल सिंह भी गैस की चपेट में आने से बेहोश हो गए थे। इनका इलाज सेंट्रल अस्पताल में चल रहा है। सालों से प्लांट बंद, गैस टेस्टिंग का चल रहा काम
बीसीसीएल का कैप्टिव पावर प्लांट बंद पड़ा हुआ है। फिलहाल परिसर में निजी कंपनी का ऑफिस संचालित है, जो ओएनजीसी के साथ मिलकर मिथेन गैस की टेस्टिंग कर रही है। बंद पड़ा प्लांट लोहा चोरों के निशाने पर है। बताया जा रहा है कि प्लांट की चहारदीवारी पीछे टूटी हुई है। इसी रास्ते से चोर परिसर में घुसे थे। क्लोरिन गैस से अचेत हो जाता है व्यक्ति, सांस नहीं लेने से हो जाती है मौत
क्लोरीन गैस अत्यंत घातक हो सकती है। यह गैस हवा से भारी होती है, इसलिए यह जमीन के पास जमा होती है। फेफड़ों को ज्यादा प्रभावित करती है। इससे दम घुटना, आंखों व श्वसन तंत्र में तीव्र जलन होती है। गैस की मात्रा अधिक हो तो व्यक्ति फौरन बेहोश हो सकता है। सांस न लेने से मौत भी हो सकती है।

