Saturday, May 9, 2026

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खगड़िया के युवा उद्यमी विकास को ज्ञान भवन में सम्मान:‘गौ लक्ष्मी’ से 5000 किसान जुड़े, 30 लाख के काम में मिला ₹12 लाख अनुदान


पटना के ज्ञान भवन में आयोजित 13वें बिहार उद्यमिता सम्मेलन में खगड़िया जिले के युवा उद्यमी विकास कुमार को सम्मानित किया गया। उन्हें कृषि क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट उद्यम, नवाचार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड अंतर्गत देवरी पंचायत के अररिया गांव निवासी विकास कुमार को उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल और सांसद रामकृपाल यादव ने सम्मानित किया। इस उपलब्धि से खगड़िया जिले में खुशी का माहौल है और स्थानीय लोगों ने इसे जिले के लिए गर्व का क्षण बताया है। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य राज्य में उद्यमिता को बढ़ावा देना, युवाओं को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ना तथा महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करना था। उद्यमिता के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम
विकास कुमार ने अपने साथी सुजीत कुमार के साथ मिलकर उद्यमिता के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है। किसान लाल बिहारी प्रसाद यादव के पुत्र विकास और एसआई अनिल कुमार के पुत्र सुजीत ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी की बजाय अपने गांव में ही रोजगार सृजन का मार्ग चुना। दोनों युवकों ने वर्ष 2019 में ‘गौ लक्ष्मी पशु आहार’ की शुरुआत की, जिसके तहत जैविक तरीके से पशु आहार तैयार किया जाने लगा। उनकी इस पहल को किसानों का व्यापक समर्थन मिला और यह कार्य बड़े स्तर पर पहुंच गया। इसके बाद 22 जनवरी 2026 को ‘गौ लक्ष्मी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी’ लिमिटेड की स्थापना की गई। दवाइयां सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही
कंपनी के माध्यम से किसानों को खाद, बीज और कीटनाशक दवाइयां समूह के जरिए सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे उन्हें सीधा लाभ मिल रहा है। इसके अतिरिक्त, दोनों उद्यमियों ने डेयरी क्षेत्र में भी कदम बढ़ाते हुए दही और लस्सी का उत्पादन शुरू किया है। डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास के द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना 2024-2025 के तहत मछली दाना उत्पादन की तैयारी भी शुरू की गई है। लगभग 30 लाख रुपये की लागत से शुरू इस कार्य में सरकार की ओर से ₹12 लाख का अनुदान मिला है। इन सभी प्रयासों का असर यह है कि अब तक करीब 5000 से अधिक किसान इस पहल से जुड़ चुके हैं और उन्हें सीधे तौर पर लाभ मिल रहा है। गांव के इन युवाओं की यह पहल न सिर्फ आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही है, बल्कि अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा स्रोत साबित हो रही है।

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