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खगड़िया में सोमवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [सीपीआईएम] के कार्यकर्ताओं ने नीट समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया गया। यह प्रदर्शन पार्टी के राष्ट्रव्यापी आह्वान का हिस्सा था। दोपहर करीब तीन बजे सीपीआईएम जिला कार्यालय से पार्टी कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारी “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” जैसे नारे लगाते हुए अनुमंडल कार्यालय तक मार्च करते पहुंचे। इसके बाद फ्लाईओवर पुल पर प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री का पुतला जलाकर विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शन के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए सीपीआईएम के बिहार राज्य सचिवमंडल सदस्य संजय कुमार ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है और छात्रों-युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। कुमार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक की घटनाओं से लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य पर पड़े नकारात्मक प्रभाव का भी जिक्र किया। उनका आरोप था कि नीट सहित कई परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की जिम्मेदारी अब तक तय नहीं की गई है। संजय कुमार ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन अनशन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों और आंदोलनकारियों से संवाद करना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय दमनकारी रवैया अपनाया गया। उन्होंने 18 जुलाई को आंदोलन स्थल पर हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीपीआईएम छात्रों के आंदोलन का समर्थन करती है। पार्टी शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग करती है। इस प्रदर्शन में सीपीआईएम जिला सचिवमंडल सदस्य कुंदन मेहता, वरिष्ठ नेता विजय कुमार सिंह, जिला कमेटी सदस्य अमर यादव, संजीव कुमार, माला देवी, अनिल वर्मा, रामविलास वर्मा, मंजीत कुमार सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे।

