खगड़िया ने मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना में पूरे बिहार में पहला स्थान प्राप्त किया है। बुधवार को जारी नई सूची के अनुसार, राज्यभर से कुल 153 कलाकारों का चयन किया गया है, जिनमें से अकेले खगड़िया जिले के 61 कलाकार शामिल हैं। यह उपलब्धि जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और कलाकारों के योगदान को दर्शाती है। इस घोषणा के बाद जिले के कलाकारों, साहित्यकारों, लोकगायकों, नाटक कलाकारों और वाद्य यंत्र कलाकारों में उत्साह देखा गया। उन्होंने इसे कला और संस्कृति के क्षेत्र में खगड़िया की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। 27 कलाकारों को ₹3000 की पेंशन जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी घनश्याम कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी नवीन कुमार के निर्देश पर कलाकारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि इससे पहले भी खगड़िया जिले के 27 कलाकारों को इस योजना का लाभ मिल चुका है, जिन्हें प्रतिमाह ₹3000 की पेंशन राशि दी जा रही है। उस समय भी खगड़िया जिला पूरे बिहार में पहले स्थान पर रहा था। आर्थिक कमजोर कलाकारों के लिए सहायक नई सूची में चयनित सभी 61 कलाकारों को मई माह से प्रतिमाह ₹3000 की सम्मान राशि पेंशन के रूप में प्रदान की जाएगी। राशि बुजुर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों के लिए सहायक होगी। कई कलाकार वर्षों से लोक संस्कृति, संगीत, नाटक, लोकगीत, साहित्य और पारंपरिक कलाओं के माध्यम से समाज की सेवा कर रहे हैं, जिन्हें इस योजना से आर्थिक संबल मिलेगा। घनश्याम कुमार ने आगे कहा कि जिला प्रशासन की कोशिश है कि कोई भी पात्र कलाकार योजना के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए तीसरी सूची की तैयारी भी शुरू कर दी गई है और जिले से अधिक से अधिक कलाकारों का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जाएगा। उन्होंने कलाकारों से अपील की कि वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय से संपर्क करें ताकि उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके। कदम कला-साहित्य से जुड़े लोगों के लिए सराहनीय
मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना की सफलता और खगड़िया की इस उपलब्धि पर जिले के साहित्यकारों और सांस्कृतिक जगत से जुड़े लोगों ने भी खुशी जाहिर की है। साहित्यकार एवं लेखक डॉ कामाख्या चरण मिश्रा ने कहा कि बिहार सरकार का यह कदम कला और साहित्य से जुड़े लोगों के लिए बेहद सराहनीय है। उन्होंने कहा कि कलाकार समाज की सांस्कृतिक पहचान होते हैं और वर्षों तक अपनी कला के माध्यम से समाज को दिशा देने वाले कलाकारों को सम्मान देना सरकार की सकारात्मक सोच को दर्शाता है। पेंशन कलाकारों के सम्मान का माध्यम बनेगी
वहीं वरिष्ठ संगीत कलाकार गोपीनाथ झा ने कहा कि यह योजना बुजुर्ग कलाकारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि अक्सर कलाकार अपनी पूरी जिंदगी कला साधना में लगा देते हैं, लेकिन वृद्धावस्था में आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में सरकार द्वारा दी जा रही यह पेंशन कलाकारों के सम्मान और सुरक्षा दोनों का माध्यम बनेगी।
कलाकारों और साहित्यकारों ने जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी घनश्याम कुमार की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि उनकी सक्रियता, मेहनत और कलाकारों के प्रति सकारात्मक सोच के कारण ही खगड़िया जिले के कलाकारों को राज्य स्तर पर पहचान मिल रही है। कलाकारों का कहना है कि यदि इसी तरह प्रशासन का सहयोग मिलता रहा तो आने वाले समय में खगड़िया कला और संस्कृति के क्षेत्र में बिहार ही नहीं, बल्कि देशभर में नई पहचान बना सकता है।
मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना में लगातार दूसरी बार राज्य में पहला स्थान हासिल कर खगड़िया ने यह साबित कर दिया है कि यहां की मिट्टी में कला और संस्कृति की गहरी जड़ें हैं। जिले की यह उपलब्धि न सिर्फ कलाकारों के लिए सम्मान की बात है, बल्कि पूरे खगड़िया के लिए गर्व का विषय बन गई है।


