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पलामू के रेड़मा स्थित झरना टोला में एक महिला का शव मिला था। पुलिस जांच में सामने आया कि गढ़वा के एक दंपती ने उसकी हत्या की थी। यह खुलासा गुरुवार को एसडीपीओ राजीव रंजन ने किया। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी महिला को गिरफ्तार किया है, जबकि उसका पति फरार है। हत्याकांड में उपेन्द्र कुमार गौतम उर्फ रोहित कुमार और उसकी पत्नी चंदा देवी (30) की संलिप्तता सामने आई है। ये दंपती मूल रूप से गढ़वा जिले के बालेखांड़ गांव के निवासी हैं और रेड़मा में उत्तम दुबे के मकान में किराए पर रहते थे। पुलिस ने चंदा देवी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका पति उपेन्द्र फरार है। पुलिस पूछताछ में चंदा देवी ने बताया कि वह अपने पति के साथ मिलकर महिलाओं को घर लाकर उनसे देह व्यापार करवाती थी। घटना 22 अप्रैल की है, जब चंदा ने देह व्यापार के लिए लाई गई महिला से पहले लिए गए मोबाइल और 1000 रुपये वापस मांगे। इस बात पर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया, जिसके बाद पति-पत्नी ने मिलकर महिला की हत्या कर दी। हत्या के बाद दंपती ने शव को कमरे में छिपाकर ताला लगा दिया और फरार हो गए। दो दिन बाद 24 अप्रैल की रात को वे वापस लौटे और शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की। उन्होंने शव को कमरे से निकालकर बाउंड्री के बाहर फेंक दिया, जिस पर लोगों की नजर पड़ी और उन्होंने पुलिस को सूचना दी। एसपी ने एसडीपीओ राजीव रंजन के नेतृत्व में इस हत्याकांड के उद्भेदन के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। मृत महिला की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। आरोपी चंदा देवी भी उसकी पहचान नहीं बता पा रही है। पुलिस मृतका की पहचान के लिए सीआईजी प्रकाशन करवाएगी। फरार आरोपी उपेन्द्र कुमार गौतम का आपराधिक इतिहास भी लंबा है। उसके खिलाफ गढ़वा के रंका, डंडई, रमकंडा और पलामू के रामगढ़ में आर्म्स एक्ट, अपहरण और पॉक्सो एक्ट के कई मामले पहले से दर्ज हैं। इस कार्रवाई में एसडीपीओ राजीव रंजन, शहर थाना प्रभारी ज्योतिलाल रजवार सहित कई पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बल शामिल थे।

