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गयाजी जिले के फतेहपुर प्रखंड के गुरपा थाना क्षेत्र स्थित गुरुपद गिरी पर्वत पर शनिवार करीब 5 बजे बड़ा हादसा हो गया। पूजा-अर्चना करने पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। इसकी चपेट में आने से एक श्रद्धालु की मौके पर ही मौत हो गयी। बताया जा रहा है कि 20 से अधिक लोग घायल हो गए। इनमें दो पुलिस जवान भी शामिल हैं। मृतक की पहचान बेलागंज थाना क्षेत्र के विकास कुमार के रूप में हुई है। हादसे के बाद पर्वत पर चीख-पुकार मच गई। श्रद्धालु इधर-उधर भागने लगे। कुछ लोग बिजली की चपेट में आने से पत्थरों पर गिर पड़े। काफी देर तक मौके पर अफरातफरी की स्थिति बनी रही। लोग बचाव बचाव को शोर करने लगे। सुरंग के आगे अचानक गिरी बिजली बताया जाता है कि शनिवार की दोपहर गुरुपद गिरी पर्वत पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। श्रद्धालु पर्वत के शिखर पर पूजा-अर्चना कर रहे थे। इसी दौरान सुरंग से आगे जाने वाले रास्ते के समीप अचानक तेज आवाज के साथ वज्रपात हुआ।
बिजली गिरते ही आसपास मौजूद कई श्रद्धालु उसकी चपेट में आ गए। हादसे में कई लोग जमीन पर गिर पड़े। कुछ देर के लिए पर्वत पर जबरदस्त भगदड़ जैसे हालात बन गये। 1700 सीढ़ियां उतारकर घायलों को लाया गया नीचे घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस सक्रिय हो गयी। फतेहपुर, टनकुप्पा, आमस और वजीरगंज सीएचसी से एंबुलेंस मंगाई गई। सभी एंबुलेंस को गुरपा भेजा गया। सबसे बड़ी चुनौती घायलों को पर्वत से नीचे उतारना था। हादसा पर्वत के ऊपरी हिस्से में हुआ था। घायलों को करीब 1700 सीढ़ियां उतारकर नीचे लाया गया। स्थानीय ग्रामीणों और मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने इसमें अहम भूमिका निभाई। इसके बाद सभी घायलों को एंबुलेंस से फतेहपुर सीएचसी पहुंचाया गया। यहां चिकित्सकों ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया। गंभीर रूप से घायल पांच लोगों को बेहतर इलाज के लिए गया रेफर किया गया है। दो पुलिस जवान भी झुलसे वज्रपात की चपेट में पुलिसकर्मी भी आ गये। घायल पुलिस जवानों में विपिन कुमार समेत एक अन्य जवान शामिल हैं। दोनों का इलाज कराया गया। घायलों में पप्पू लाल (40), खुशी कुमारी (17), नीरू देवी (40), शंभू मालाकार (45), रूपा कुमारी (17), हृदय मोदी (35), अनूप कुमार (22), रितु कुमारी और राकेश राजवंशी (28) समेत अन्य लोग शामिल हैं। हादसे की खबर मिलते ही पहुंचने लगे परिजन वज्रपात की खबर फैलते ही घायलों के परिजन गुरुपद गिरी पर्वत और फतेहपुर सीएचसी पहुंचने लगे। अस्पताल में भी कुछ देर तक अफरातफरी का माहौल रहा। खास बात यह भी अब तक मृतक के परिजन फतेहपुर नहीं पहुंच सके हैं। पर्वत से घायलों को नीचे लाने में ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों की तत्परता काम आई। समय रहते घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे ने पर्वत पर सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से जुड़ी प्रशासनिक व्यवस्थाओं को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब गुरपा गुरुपद गिरी पर्वत के बारे में जान लीजिए गुरपा गुरुपद गिरी पर्वत पर बना मन्दिर जमीन से करीब 3 किलोमीटर ऊपर है। ऊपर जाने के लिए कुल 1680 सीढियां है। करीब 2500 फिट से अधिक इसकी ऊंचाई है। इस हादसे में गुरपा के स्थानीय युवाओं की भूमिका सराहनीय रही। खास बात यह भी श्रावण के समाप्त होने के बाद यह हादसा हुआ। सावन माह के दौरान यहां दिनभर हजारों की भीड़ बनी रहती है। श्रद्धालु यहां दूसरे प्रदेश भी आते हैं। गुरुपद गिरि पर्वत हिंदू और बौद्ध, दोनों धर्मों के श्रद्धालुओं के लिए अगाध आस्था का केंद्र है। पर्वत के शिखर पर भगवान विष्णु के चरण पादुका और मां गुरपासनी देवी का प्राचीन मंदिर स्थापित है, जहां दूर-दूर से श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। बौद्ध मतावलंबियों के बीच मान्यता है कि यह स्थान महात्मा बुद्ध के प्रिय शिष्य महाकश्यप की तपस्या और ज्ञान प्राप्ति की पावन भूमि रहा है, जिसके चलते यहाँ हर साल बड़ी संख्या में विदेशी बौद्ध पर्यटक भी नमन करने आते हैं। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और स्थानीय मान्यता स्थानीय किंवदंतियों के अनुसार, ब्रिटिश काल में (लगभग 1906-07 के दौरान हावड़ा-दिल्ली रेल लाइन निर्माण के समय) एक रेल कर्मी ‘गरीब दास’ ने इस पहाड़ पर प्राचीन देव-चिन्हों की खोज की थी, जिसके बाद से यह स्थल जन-सामान्य की आस्था से जुड़ा। पारसनाथ की तरह ही यह पर्वत अपनी समृद्ध ऐतिहासिक परंपरा और विविध धार्मिक मान्यताओं के लिए जाना जाता है।
गयाजी- गुरुपद गिरी पर्वत पर गिरी बिजली, श्रद्धालु की मौत:दो पुलिस जवान समेत 20 से ज्यादा लोग झुलसे, 1700 सीढ़ियां उतारकर नीचे लाए गए घायल
