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शिवसेना के संस्थापक बाला साहेब ठाकरे की बहू स्मिता ठाकरे मंगलवार को गयाजी पहुंची। स्मिता ठाकरे, बाला साहेब के दूसरे बेटे जयदेव ठाकरे की पत्नी हैं। यहां स्मिता ठाकरे ने अपने ससुर, सास और पिता का पिंडदान किया। पूजा के दौरान वे भावुक नजर आईं। स्मिता ठाकरे ने कहा कि मैं अपने ससुर बाला साहेब ठाकरे, सास मीना ठाकुरे और पिता मधुकर चित्रे की आत्मा की शांति के लिए गयाजी आई हूं। उन्होंने कहा कि गयाजी आने की मेरी इच्छा लंबे समय से थी। यहां आकर पिंडदान करने का अवसर मिलना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। स्मिता ठाकरे की तीन तस्वीरें देखिए स्मिता ठाकरे बोलीं- माता सीता की कथा ने बढ़ाया हौसला स्मिता ठाकरे ने महिलाओं की ओर से पिंडदान को लेकर भी बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आमतौर पर महिलाओं के पिंडदान करने को लेकर अलग-अलग धारणाएं रही हैं। लेकिन माता सीता की कथा से मुझे इसके लिए प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि गयाजी में माता सीता की ओर से अपने ससुर राजा दशरथ के पिंडदान की धार्मिक मान्यता भी जुड़ी है। बिहार पर्यटन की वेबसाइट भी सीताकुंड को इसी परंपरा से जोड़ती है। स्मिता ने कहा कि इसी कथा से प्रेरणा लेकर उन्होंने अपने पितरों का तर्पण अपने हाथों से करने का फैसला किया। पूजा पूरी होने के बाद उन्होंने इसे आत्मिक संतोष का क्षण बताया। स्मिता ठाकरे ने गयाजी की धरती को किया नमन स्मिता ठाकरे ने गयाजी की धार्मिक परंपरा और पितृपक्ष मेले की महत्ता का उल्लेख किया। कहा कि बिहार और महाराष्ट्र के बीच पुराना सांस्कृतिक रिश्ता है। महाराष्ट्र से भी बड़ी संख्या में लोग पितृकर्म के लिए गयाजी आते हैं। उन्होंने पंडा समाज, स्थानीय लोगों और प्रशासन का भी आभार जताया। राजनीति से दूरी, बालासाहेब की विचारधारा का किया जिक्र महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीति पर सवाल हुआ तो स्मिता ठाकरे ने खुद को सक्रिय राजनीति से दूर बताया। उन्होंने कहा कि वे सीधे राजनीति में कभी नहीं रहीं। हमने समाज सेवा को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे हमेशा ईमानदारी से काम करने और समाज के हर वर्ग तक पहुंचने की सीख देते थे। स्मिता ने भी उसी काम को आगे बढ़ाने की बात की। हिंदुत्व के सवाल पर स्मिता ठाकरे ने बालासाहेब की विचारधारा का उल्लेख किया। कहा कि सनातन धर्म उनके लिए जीवन का हिस्सा था। नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और सनातन परंपरा का महत्व समझना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गर्व से कहो, हम हिंदू हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम और सनातन से जुड़े विचारों की स्मिता ने सराहना की। कहा कि वे सनातन और राष्ट्र सेवा के विचारों को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
गयाजी में बाला साहेब ठाकरे का बहू ने किया पिंडदान:स्मिता ठाकरे बोलीं- माता सीता की कथा से प्रेरणा मिली; पॉलिटिकल सवाल पर कहा- नो कमेंट्स
