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गुमला जिले के घाघरा प्रखंड की कुहीपाट पंचायत के गुनिया गांव में सड़क की बदहाली के कारण एक गर्भवती को बहंगी के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ा। गांव की गर्भवती हीरा कुमारी को प्रसव के लिए अस्पताल ले जाना था, लेकिन सड़क पर कीचड़ और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद ग्रामीणों ने दो लोगों की मदद से गर्भवती महिला को बहंगी पर लादकर गांव से मुख्य सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद एंबुलेंस से उन्हें गुमला सदर अस्पताल ले जाया गया। महिला के साथ स्वास्थ्य सहिया भी मौजूद थीं। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के बाद गुनिया गांव की सड़क की स्थिति बेहद खराब हो गई है। गांव के अंदर वाहनों का पहुंचना मुश्किल है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं के साथ-साथ बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को भी मुख्य सड़क तक पहुंचाने में ग्रामीणों को काफी परेशानी होती है। दो माह पहले बनी मिट्टी-मोरम सड़क, बारिश में बह गई ग्रामीणों के अनुसार, करीब दो माह पहले पंचायत की 15वें वित्त की राशि से गांव में मिट्टी-मोरम सड़क का निर्माण कराया गया था। आरोप है कि निर्माण के नाम पर महज खानापूर्ति की गई। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के किनारे से ही मिट्टी काटकर सड़क पर डाल दी गई। सड़क निर्माण के दौरान गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया, जिसके कारण बारिश होते ही सड़क की मिट्टी बहने लगी। इसके बाद जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए और पूरी सड़क कीचड़ में तब्दील हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के कुछ ही समय बाद सड़क पहले से भी ज्यादा खराब हो गई। अब स्थिति ऐसी है कि गांव तक चारपहिया वाहन पहुंचना मुश्किल है। बरसात के दिनों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। ग्रामीण बोले- मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाना चुनौती सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि गांव तक आवागमन की सुविधा नहीं होने के कारण आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना बड़ी चुनौती बन जाता है। गर्भवती महिला को बहंगी के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाने की घटना ने सड़क की स्थिति को सामने ला दिया है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने और दोषी लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही गांव तक आवागमन सुचारू कराने के लिए सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की स्थिति जल्द नहीं सुधारी गई तो किसी गंभीर मरीज या गर्भवती महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो सकता है।
गांव नहीं पहुंची एंबुलेंस, बहंगी से लाई गई गर्भवती:गुमला में 1 किमी पैदल चल एंबुलेंस तक पहुंचाया, मिट्टी की सड़क बारिश में बह गई
