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झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों (209 कोबरा बटालियन) ने एक संयुक्त अभियान ‘ऑपरेशन दौरा पहाड़’ के तहत माओवादियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सफलता हासिल की है। सुरक्षा बलों ने भाकपा (माओवादी) के इकलौते सक्रिय पोलित ब्यूरो सदस्य और ₹2.20 करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर को उसके शीर्ष सहयोगियों के साथ गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई मंगलवार को बरवड्डा थाना क्षेत्र के जंगलों में घेराबंदी कर की गई। मिसिर बेसरा पर झारखंड सरकार ने ₹1 करोड़ और ओडिशा सरकार ने ₹1.20 करोड़ का इनाम घोषित कर रखा था। गिरफ्तार नक्सलियों पर घोषित कुल ₹2.35 करोड़ की इनाम राशि अभियान में शामिल पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों में बांटी जाएगी। गिरिडीह में संगठन को मजबूत करने की थी तैयारी पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार नक्सली गिरिडीह के पारसनाथ इलाके में संगठन को दोबारा खड़ा करने और अपनी जड़ें मजबूत करने की फिराक में थे। लगातार मिल रहे खुफिया इनपुट के आधार पर सुरक्षा एजेंसियां उनके हर मूवमेंट पर नजर रख रही थीं। मई से जारी अभियानों से बैकफुट पर माओवादी झारखंड में माओवाद के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे अभियानों से नक्सली संगठन की कमर टूट चुकी है: 21 मई 2026: 27 नक्सलियों ने 18 अत्याधुनिक हथियारों और करीब 3,000 कारतूसों के साथ सरेंडर किया। 13 जुलाई 2026: ₹20 लाख का इनामी रवींद्र गंझू (RCM) गिरफ्तार। 17 जुलाई 2026: ₹25 लाख का इनामी अजय महतो उर्फ टाइगर (SAC) गिरफ्तार। वहीं, बबिता (ACM) ने आत्मसमर्पण किया। 28 जुलाई 2026: 16 अन्य कमांडरों व कैडरों ने 11 अत्याधुनिक हथियारों और 1,562 कारतूसों के साथ पुलिस के समक्ष हथियार डाले। जानिए… कौन-कौन हुए गिरफ्तार और क्या मिला? बरामदगी: एके-47 रायफल: 3 मैगजीन: 8 जीवंत कारतूस: 288 गिरफ्तार माओवादी कमांडरों का ब्योरा: इनाम के ₹2.35 करोड़ पुलिसकर्मियों में बांटे जाएंगे झारखंड पुलिस और केंद्रीय बलों की संयुक्त कार्रवाई: मिसिर बेसरा समेत शीर्ष माओवादी कमांडर गिरफ्तार

