Thursday, August 20, 2026

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गिरिडीह के जंगलों में लिथियम का भंडार:असुर हड्डी और डूबा के जंगलों में सर्वे पूरा, ड्रिलिंग प्वाइंट किए गए सील, खनन की चर्चा तेज


झारखंड के गिरिडीह जिले के तिसरी प्रखंड अंतर्गत असुर हड्डी और डूबा के जंगलों में सफेद सोना कहे जाने वाले लिथियम का भंडार है। इसकी पुष्टि के लिए भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) द्वारा क्षेत्र के विभिन्न जंगलों और पहाड़ी इलाकों में ड्रिलिंग कर सर्वेक्षण कार्य किया गया है। सर्वे पूरा होने के बाद GSI ने सभी ड्रिलिंग प्वाइंट को चिन्हित करते हुए सील कर दिया है। इन प्वाइंट्स पर की गई मार्किंग और सीलिंग के बाद स्थानीय स्तर पर लिथियम भंडार मिलने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक GSI की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। लंबे समय से चल रही है तलाश दरअसल, गिरिडीह के इन इलाकों में लंबे समय से लिथियम के होने की बात कही जा रही है। यही वजह है कि जीएसआई लगभग एक साल से सर्वे आदि का काम कर रही है। जानकारी के मुताबिक लगभग साल भर पहले इन्हीं असुरहड्डी पहाड़ी पर पत्थर माफिया द्वारा गैरकानूनी रूप से अवैध उत्खनन कर बेशकीमती पत्थर जैसे पोखराज, गोमेद, त्रिमुल्ली आदि की तस्करी की जा रही थी। जिस पर प्रशासन की गाज गिरने के बाद पत्थर माफिया क्षेत्र छोड़कर भाग गए। इसके बाद से नियमित रूप में इन इलाकों में सर्वे आदि का काम चल रहा है। हालांकि इस सर्वे और जांच पड़ताल को लेकर स्थानीय ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि क्षेत्र में खनन कार्य शुरू किया जाता है, तो सबसे पहले उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही प्रभावित परिवारों के लिए रोजगार की व्यवस्था और समुचित पुनर्वास की गारंटी सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनकी अनदेखी कर कोई भी निर्णय लिया गया तो इसका विरोध किया जाएगा। ई-व्हीकल की बैटरी बनाने के लिए लिथियम जरूरी सफेद सोना कहे जाने वाले लिथियम का इस्तेमाल डिजिटल उपकरण और ई-व्हीकल की बैटरी बनाने के लिए जरूरी हो गया है। इसके अलावा सीमेंट और इस्पात उद्योग में भी उसकी उपयोगिता है। लिथियम घर की दीवारों पर लगी घड़ी से लेकर, आपके लैपटॉप, मोबाइल, रिस्ट वॉच और हर उस डिवाइस का हिस्सा है जो बैटरी से चल रही है। इन उपकरणों की बैटरी में लिथियम सबसे ज्यादा होता है। लिथियम की ग्लोबल डिमांड की वजह से इसे व्हाइट गोल्ड के नाम से भी जाना जाता है। इंटरनेशनल मार्केट में एक टन लिथियम की कीमत 57.36 लाख रुपए है।

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