![]()
गिरिडीह शहर के टावर चौक पर शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के अलग-अलग विरोध प्रदर्शनों के कारण राजनीतिक माहौल गर्म रहा। दोनों दलों ने केंद्र की राजनीति और राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर रैलियां निकालीं और एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाजपा ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री आवास के पास दिए गए धरने के विरोध में टावर चौक पर राहुल गांधी का पुतला दहन किया। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस देशहित के बजाय राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देती है। भाजपा ने यह भी कहा कि राहुल गांधी विदेशों में भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करते हैं और विदेशी फंडिंग के सहारे विरोध प्रदर्शन कराए जा रहे हैं। इस कार्यक्रम में भाजपा नेता चुन्नू कांत, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष शालिनी वैशखीयार, जिला महामंत्री सुनील पासवान, संदीप दंगेज, दीपक यादव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। विरोध प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की वहीं, कांग्रेस ने जिला नेता अजय कुमार मंटू के नेतृत्व में शहर में विरोध रैली निकाली। यह रैली टावर चौक पहुंचकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पुतला दहन के साथ समाप्त हुई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों, शिक्षा व्यवस्था तथा विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। कार्यक्रम में उपेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान रैली में कुछ बच्चों की मौजूदगी भी देखने को मिली, जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही। राजनीतिक विरोध-प्रदर्शनों और पुतला दहन जैसे आयोजनों में बच्चों की भागीदारी को लेकर सवाल उठे। दोनों दलों के अलग-अलग प्रदर्शनों के चलते कुछ समय के लिए टावर चौक पर राजनीतिक हलचल बनी रही। किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस प्रशासन पूरे समय मौके पर तैनात रहा और दोनों कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए।
