गिरिडीह में लंबे समय से लंबित पड़ी होमगार्ड बहाली प्रक्रिया को लेकर अब युवाओं का धैर्य टूटने लगा है। देवरी, जमुआ और गांवा प्रखंड के सैकड़ों युवाओं ने एकजुट होकर उपायुक्त को आवेदन सौंपते हुए जल्द से जल्द बहाली प्रक्रिया शुरू कराने की मांग की है। युवाओं का कहना है कि वर्षों से इंतजार के बावजूद अब तक बहाली की कोई स्पष्ट सूचना नहीं मिलने से उनके भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं। आवेदन में युवाओं ने बताया कि जिले के विभिन्न प्रखंडों में बड़ी संख्या में शिक्षित और योग्य युवक-युवतियां बेरोजगार हैं, जो होमगार्ड में सेवा देने के इच्छुक हैं। मेहनत और उम्मीदें दोनों प्रभावित हो रही: अभ्यर्थी
उन्होंने कहा कि लगभग 200 से अधिक अभ्यर्थी बहाली प्रक्रिया का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इनमें कई ऐसे अभ्यर्थी भी शामिल हैं जो पिछले 5 से 8 वर्षों से लगातार तैयारी कर रहे हैं, लेकिन बहाली नहीं होने के कारण उनकी मेहनत और उम्मीदें दोनों प्रभावित हो रही हैं। युवाओं ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि बार-बार बहाली की उम्मीद बंधती है, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगती है। इससे न केवल मानसिक तनाव बढ़ रहा है, बल्कि आर्थिक स्थिति भी प्रभावित हो रही है। कई अभ्यर्थी उम्र सीमा के करीब पहुंच चुके हैं, जिससे उन्हें अपने अवसर खत्म होने का डर भी सता रहा है। युवाओं का कहना है कि यदि समय रहते बहाली प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो कई योग्य अभ्यर्थी इस अवसर से वंचित हो जाएंगे। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पारदर्शी और शीघ्र प्रक्रिया के तहत बहाली शुरू की जाए, ताकि युवाओं को रोजगार का अवसर मिल सके और वे अपने परिवार का सहारा बन सकें। इसके साथ ही युवाओं ने यह भी कहा कि होमगार्ड की बहाली से न केवल बेरोजगारी की समस्या में कमी आएगी, बल्कि जिले की कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। उन्होंने प्रशासन से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की है। उपायुक्त को सौंपे गए आवेदन में युवाओं ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि जल्द से जल्द बहाली की तिथि घोषित की जाए और प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।