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गिरिडीह मेयर प्रमिला मेहरा ने शुक्रवार सुबह शहर की साफ-सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न वार्डों और प्रमुख स्थानों का जायजा लिया। बस स्टैंड पहुंचने पर वहां फैली भारी गंदगी और कचरे के ढेर को देखकर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। यात्रियों और स्थानीय लोगों को इससे काफी परेशानी हो रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मेयर ने तत्काल सफाई व्यवस्था की कमान संभाली। उन्होंने निगम के सफाईकर्मियों के साथ मिलकर बस स्टैंड और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलवाया। मेयर ने सफाईकर्मियों को सार्वजनिक स्थलों पर नियमित सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी मौके पर मौजूद अव्यवस्था को लेकर मेयर ने संबंधित ठेकेदार को फोन पर फटकार लगाई। उन्होंने ठेकेदार को तत्काल प्रभाव से सफाई कार्य तेज करने का निर्देश दिया और स्पष्ट किया कि शहर की स्वच्छता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। इससे पहले, सफाई अभियान शुरू होने से पूर्व सफाईकर्मियों ने वेतन भुगतान में देरी को लेकर नाराजगी जताई थी। कर्मियों ने काम ठप करने की चेतावनी भी दी थी। सूचना मिलने पर मेयर स्वयं नगर निगम कार्यालय पहुंचीं और कर्मियों से बातचीत की। मेयर ने सफाईकर्मियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना इस दौरान सफाईकर्मियों ने वेतन भुगतान में देरी, संसाधनों की कमी और कार्य परिस्थितियों से जुड़ी अपनी समस्याएं मेयर के सामने रखीं। प्रमिला मेहरा ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और जल्द समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने अधिकारियों को भी वेतन भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। अंत में मेयर ने कहा कि शहर की स्वच्छता बनाए रखना केवल नगर निगम की ही नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे कचरा इधर-उधर न फेंकें और शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने में सहयोग करें। साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि साफ-सफाई के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमित रूप से निरीक्षण अभियान जारी रहेगा।

